पाठशाला

‘अनुगूँज’ का आगाज; रस्साकशी में दिखाया दम, तो दुल्हन बन इठलाईं छात्राएं

कुलगुरु बोले- स्नेह सम्मेलन से मिलती है साल भर की ऊर्जा

अनुगूँज 2026 में सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में छात्राओं ने दिखाया उत्साह, तीन दिवसीय उत्सव शुरू
उज्जैन। शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव “अनुगूँज” का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अर्पण भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर कलेक्टर (एडीएम) श्री शाश्वत शर्मा ने शिरकत की।
आनंद की अनुगूँज साल भर सुनाई देनी चाहिए: कुलगुरु
मुख्य अतिथि कुलगुरु डॉ. अर्पण भारद्वाज ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्नेह सम्मेलन शैक्षणिक संस्थानों में आनंद की अनुभूति का संचार करते हैं। ऐसे आयोजनों की सकारात्मक ‘अनुगूँज’ वर्ष भर परिसर में सुनाई देते रहनी चाहिए, जिससे शैक्षणिक वातावरण भी प्रफुल्लित रहता है।
हौसले और उत्साह से ही मिलती है सफलता: एडीएम
विशिष्ट अतिथि एडीएम श्री शाश्वत शर्मा ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हौसले और उत्साह के साथ कर्म करते रहना ही मानव जीवन का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि वार्षिक स्नेह सम्मेलन छात्राओं की सांस्कृतिक प्रतिभा को मंच देने का श्रेष्ठ माध्यम है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर सकारात्मक दृष्टि से प्रयास करना चाहिए।
खेल और संस्कृति का दिखा संगम
शिक्षा विभाग (उज्जैन संभाग) के अतिरिक्त संचालक डॉ. एच.एल. अनिजवाल ने कहा कि यह महाविद्यालय अपने उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के साथ-साथ पाठ्येतर गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है। कालिदास कन्या अग्रणी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना गुप्ता ने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि इस आयोजन ने उन्हें इसी महाविद्यालय में उनके समय के वार्षिकोत्सव की याद दिला दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत पुराणिक ने विविधरंगी प्रतिस्पर्धाओं के लिए छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। स्वागत भाषण छात्र संघ प्रभारी डॉ. रश्मि भार्गव ने दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. दिव्या गहरोत्रा ने किया और आभार डॉ. संगीता कारलेकर ने माना।
रस्साकशी और दुल्हन प्रतियोगिता रही आकर्षण
उद्घाटन सत्र के बाद महाविद्यालय परिसर गतिविधियों से गूंज उठा। खेल मैदान में छात्राओं ने रस्साकशी, चेयर रेस और स्लो साइकिलिंग में अपना दम दिखाया। वहीं, सांस्कृतिक और साहित्यिक मंच पर तात्कालिक भाषण, अल्पना (रंगोली), केश सज्जा, फैंसी ड्रेस और दुल्हन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने सोल्लास भागीदारी कर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

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