पाठशाला

अर्थशास्त्र के विद्यार्थियों ने बजट 2026 की बारीकियों पर की चर्चा, बताया विकसित भारत का आधार

पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में बजट पर परिचर्चा आयोजित, प्राचार्या ने इसे धारणीय विकास की दिशा में बताया सफल प्रयास

उज्जैन। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय माधव महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में ’बजट 2026ः विकसित भारत की ओर एक कदम’ विषय पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभाग के विद्यार्थियों ने न केवल बजट निर्माण की प्रक्रिया को समझाया, बल्कि बजट के आय-व्यय के गणित और विभिन्न प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. कल्पना वीरेंद्र सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने बजट 2026 को विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और धारणीय विकास की दिशा में एक सफल प्रयास बताया। उन्होंने इस बात पर विशेष हर्ष व्यक्त किया कि भावी अर्थशास्त्रियों (विद्यार्थियों) ने स्वयं इस परिचर्चा का आयोजन किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विशेषज्ञों ने समझाये प्रावधान
अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता दुबे ने विद्यार्थियों को बजट के तकनीकी प्रावधानों से अवगत कराया। डॉ. दिनेश जोशी ने बजट में स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र के लिए किए गए विशेष प्रावधानों को रेखांकित किया। वहीं, डॉ. ममता पवार ने बजट 2026 में हुए नवीन बदलावों की जानकारी दी और प्रो. कंचन ससाने ने राजकोषीय नीति एवं बजट प्रावधानों पर अपने विचार रखे।
विद्यार्थियों ने दी प्रभावी प्रस्तुति
परिचर्चा में एम.ए. अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भूमिका शर्मा, टीना भावसार, राजेश्वरी डांगी, विकास पाटीदार और मधुसूदन परमार ने सक्रिय भागीदारी की। भूमिका शर्मा और विकास पाटीदार ने बजट के जटिल आंकड़ों और प्रावधानों को बेहद सरल और सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन एम.ए. अंतिम वर्ष के छात्र विकास पाटीदार ने किया और आभार राजेश्वरी डांगी ने माना।

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