समाज संसार

अशोक बौद्ध विहार के कायाकल्प में मनोज नागदेवे का अहम योगदान, अब वैश्य टेकरी के जीर्णोद्धार की आस

15 साल से विहार निर्माण में सक्रिय; अष्टधातु प्रतिमा व सरकारी मदद दिलाने में निभाई मुख्य भूमिका

उज्जैन | भारतीय बौद्ध महासभा (उज्जैन) की विहार निर्माण समिति के अध्यक्ष और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के कोषाध्यक्ष मनोज नागदेवे का 11 मार्च को जन्मदिन है। शहर के अशोक बौद्ध विहार के निर्माण, सौंदर्यीकरण और विस्तार में पिछले 15 वर्षों से उनका अहम योगदान रहा है। उनके सतत प्रयासों का ही नतीजा है कि आज यह मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के सबसे सुंदर और सुव्यवस्थित बौद्ध विहारों में गिना जाता है।

​विहार के विकास में नागदेवे के व्यक्तिगत संपर्कों और संगठन क्षमता का बड़ा लाभ समाज को मिला है। उनके प्रयासों से ही विहार को तथागत गौतम बुद्ध की अष्टधातु की विशाल प्रतिमा बेहद कम लागत में प्राप्त हो सकी। इसके अलावा, भाजपा से उनके जुड़ाव के चलते शासन स्तर से भी कई बार निर्माण कार्यों के लिए राशि स्वीकृत कराने में उन्हें सफलता मिली, जिससे विहार को एक भव्य स्वरूप मिला।

ऐतिहासिक वैश्य टेकरी के उद्धार की उम्मीद

समाजहित के कार्यों में उनकी सक्रियता और ‘सही काम के लिए सही व्यक्ति से संपर्क’ की उनकी समझ को देखते हुए अब समाज को उम्मीद है कि शहर की ऐतिहासिक बौद्ध धरोहर ‘वैश्य टेकरी’ के जीर्णोद्धार का वर्षों पुराना सपना भी उनके नेतृत्व में साकार होगा। उनके जन्मदिन के अवसर पर समाजजनों ने तथागत बुद्ध और डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों से प्रेरित उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ, सक्रिय और प्रगतिशील जीवन की शुभकामनाएं दी हैं।

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