‘आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा पहली सीढ़ी’
सेनजी महासंघ ने मातृशक्ति दिवस पर 25 महिलाओं का किया सम्मान

उज्जैन। महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऑल इंडिया सेन जी महासंघ (दिल्ली) द्वारा मातृशक्ति दिवस के अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में समाज की 25 उत्कृष्ट महिलाओं का शॉल, श्रीफल और पुष्पमाला पहनाकर भव्य सम्मान किया गया। इस दौरान सम्मानित मातृशक्तियों ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, और इसकी ठोस शुरुआत बेहतर शिक्षा के साथ ही होनी चाहिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र परमार ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष शोभा छानीवाल और शिखर सम्मान से अलंकृत कृष्णा वर्मा जी उपस्थित रहीं। इन्हीं के करकमलों द्वारा समाज की 25 प्रतिभासंपन्न और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस गरिमामय आयोजन में समाज के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मुख्य रूप से कन्हैयालाल जी, सुरेंद्र सेन, प्रेम यादव, शिव नारायण झाला, शीतल परमार, ओम गहलोत, अभिषेक सेन, आशीष वर्मा, आर.पी. गहलोत, आशा परमार, विजय जाधव, आर.के. वर्मा, अर्पित वर्मा, संजय सेन, संतोष वर्मा, निर्मला यादव, सुनील वर्मा, सुशीला गहलोत और प्रेमलता चैहान सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोहर परमार ने किया तथा अंत में आभार मनोज गहलोत ने माना।
शिक्षा से ही प्रशस्त होगा तरक्की का मार्ग
कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि एक शिक्षित महिला न केवल अपना, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य संवारती है। आत्मनिर्भरता के लिए शिक्षा वह पहली सीढ़ी है, जो महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा दिलाती है।



