उज्जैन के आर्यन खरे को गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से मिली बीए एलएलबी ऑनर्स की उपाधि
सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने प्रदान की डिग्री, पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के साथ कर चुके हैं इंटर्नशिप, अमेरिका के एक्सचेंज प्रोग्राम में भी कर चुके हैं भारत का प्रतिनिधित्व

उज्जैन: शहर के महाकाल वाणिज्यिक केंद्र निवासी उदय खरे और आरती खरे के पुत्र आर्यन खरे को गांधीनगर स्थित गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित 16वें दीक्षांत समारोह में बीए एलएलबी ऑनर्स की डिग्री प्रदान की गई है। उन्हें यह डिग्री भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, गुजरात उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया द्वारा सौंपी गई।
शुरू से ही रहे हैं मेधावी, 12वीं में किया था विद्यालय टॉप
आर्यन शुरू से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं। उन्होंने अपनी 12वीं की शिक्षा के दौरान सीबीएसई विद्यालय में सर्वोच्च अंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया था। इसके पश्चात आर्यन ने वर्ष 2020 में आयोजित क्लैट परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 381वां स्थान हासिल कर गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त किया था।
अमेरिका में भी कर चुके हैं भारत का प्रतिनिधित्व
अपनी मेधा के बल पर आर्यन पूर्व में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा वित्त पोषित ग्लोबल अंडरग्रेजुएट एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए भी चुने जा चुके हैं। पूरे भारत से केवल पांच लोगों का ही इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए चयन हुआ था। इस कार्यक्रम के तहत उन्होंने इलिनॉय के नॉर्थ सेंट्रल कॉलेज में मई 2023 तक एक सेमेस्टर का अध्ययन किया था। उनकी इस उपलब्धि में उनके गुरु वरुण गुप्ता का विशेष मार्गदर्शन रहा है।
अमेरिकी कंपनी में दे रहे हैं सेवाएं
आर्यन की माता आरती खरे ने बताया कि आर्यन ने अपनी इंटर्नशिप के दौरान दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के मार्गदर्शन में भी काम किया था। अपनी शिक्षा और इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने वाले आर्यन वर्तमान में एक अमेरिकी कंपनी में कॉर्पोरेट वकील के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।



