उज्जैन को ‘बौद्ध सर्किट’ के रूप में विकसित करने की मांग, प्राचीन धरोहरों के संरक्षण से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
सीएम और सांसद को सौंपे दस्तावेज़, उज्जैन की बौद्ध विरासतों को सहेजने की उठी मांग
उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन न केवल शैव बल्कि प्राचीन बौद्ध धर्म का भी एक प्रमुख केंद्र रही है। इसी गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने और उज्जैन को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर ‘बौद्ध सर्किट’ के रूप में स्थापित करने के लिए भारतीय बौद्ध महासभा, उज्जैन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
संस्था के मनोज नागदेवे ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि उज्जैन की उपेक्षित बौद्ध विरासतों की ओर तत्काल ध्यान दिया जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को पूरे दस्तावेज़ और फाइलें सौंपी जा चुकी हैं। साथ ही, क्षेत्रीय सांसद से भी कई बार चर्चा कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।
उज्जैन का गौरवशाली बौद्ध इतिहास
भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, उज्जैन का बौद्ध इतिहास अत्यंत समृद्ध है।
सम्राट अशोक और उज्जैन: सम्राट बनने से पहले अशोक उज्जैन के राज्यपाल रहे। सांची की विदिशा देवी से उनका विवाह हुआ और उनके पुत्र महेंद्र व पुत्री संघमित्रा (जिन्होंने श्रीलंका में बौद्ध धर्म का प्रचार किया) का बचपन उज्जैन में ही बीता।
आसंदी स्तूप: उज्जैन-इंदौर मार्ग पर भगवान बुद्ध के आसन (आसंदी) स्थल पर सम्राट अशोक ने लगभग 100 फीट ऊंचा स्तूप बनवाया था।
लुप्त होती धरोहर: इतिहास के पन्नों में यह भी दर्ज है कि आसंदी स्तूप के पास अर्हत भिक्खु महेंद्र और भिक्खुनी संघमित्रा की श्रीलंका से लाई गई अस्थियों पर बने स्तूप भी थे। चिंता का विषय यह है कि हाल के वर्षों में खेतों के समतलीकरण के दौरान ये ऐतिहासिक प्रमाण मिट्टी में दब गए हैं।
सुकेशिनी और महाकात्यायन: उज्जैन में ही सुकेशिनी की कथा मिलती है, जिसने अपने स्वर्ण-केश बेचकर भिक्खु संघ को दान दिया था। वहीं, इतिहास में महाकात्यायन भिक्खु को ही आगे चलकर महाकाल और भैरव जैसे नामों से जोड़ा गया।
पर्यटन की अपार संभावनाएं
मनोज नागदेवे का कहना है कि यदि सरकार इन स्थानों का संरक्षण और विकास करती है, तो आने वाले समय में उज्जैन का गौरव और बढ़ेगा। दुनिया भर के बौद्ध देशों (जैसे जापान, श्रीलंका, थाईलैंड आदि) के अनुयायी यहाँ दर्शन के लिए उत्सुक होंगे, जिससे उज्जैन में पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी।



