उज्जैन दक्षिण में 33 हजार नाम कटने पर बवाल, कांग्रेस नेता भरत पोरवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र, एसडीएम और कलेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल, भाजपा विधायक की पुत्री होने के कारण एसडीएम ने काटे नाम? भरत पोरवाल ने की निष्पक्ष जाँच की मांग

उज्जैन। उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 217 की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष भरत पोरवाल ने इस मामले में सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी कृतिका भीमावत और कलेक्टर रोशन सिंह की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। श्री पोरवाल ने भारत सरकार के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर 21 फरवरी को होने वाले मतदाता सूची के फाइनल प्रकाशन से पूर्व अधिकारियों को हटाने और निष्पक्ष जाँच की मांग की है।
33,256 नाम कटने पर जताई आपत्ति
भरत पोरवाल ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि उज्जैन दक्षिण विधानसभा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के दौरान फार्म 7 का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में सबसे ज्यादा 33,256 नाम इसी विधानसभा क्षेत्र से काटे गए हैं, जो संदेह पैदा करता है।
एसडीएम पर पक्षपात का आरोप
पत्र में श्री पोरवाल ने लिखा है कि ईआरओ, एसडीएम कृतिका भीमावत, शाजापुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक अरुण भीमावत की पुत्री हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद और वैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए झूठी आपत्तियों के आधार पर मतदाताओं के नाम काटे हैं।
कलेक्टर पर लापरवाही का आरोप
शिकायत में उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह को भी घेरा गया है। श्री पोरवाल का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में कलेक्टर की ओर से भी लापरवाही बरती गई है, जिसके चलते इतनी बड़ी संख्या में नाम विलोपित हुए हैं।
कांग्रेस आलाकमान को भी भेजी प्रतिलिपि
श्री पोरवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से निवेदन किया है कि 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले इन अधिकारियों को हटाकर फार्म 7 की निष्पक्ष जाँच करवाई जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह को भी भेजी गई है।



