उज्जैन नाड़ी परीक्षण शिविर का 1 मार्च को होगा समापन, अगला शिविर 20 से 24 मार्च तक
असाध्य रोगों के आयुर्वेदिक उपचार के लिए प्रदेश भर में लगेंगे निशुल्क नाड़ी परीक्षण शिविर: 5 शहरों का शेड्यूल जारी

आयुर्वेद विशेषज्ञ संतोष आनंद जायसवाल बिना रिपोर्ट केवल नाड़ी देखकर मरीजों का सटीक निदान करेंगे
शिविर में मिर्गी, साइनस, माइग्रेन, दमा, भगंदर, 6 प्रकार की बवासीर, पथरी, साइटिका, टी.बी. और थायराइड जैसे गंभीर मर्जों की केवल एक ही बार दवाई दी जाती है
उज्जैन। महाकाल की नगरी में चल रहे निशुल्क नाड़ी परीक्षण शिविर में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से गंभीर और असाध्य बीमारियों के चमत्कारिक परिणाम सामने आ रहे हैं। क्षीरसागर गेट स्थित प्रकाश टॉकीज की गली के पास जायसवाल धर्मशाला में संचालित इस शिविर का समापन 1 मार्च को दोपहर 2 बजे किया जाएगा।
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आगामी शिविर की तारीखों का भी ऐलान कर दिया गया है। अगला नाड़ी परीक्षण शिविर इसी स्थान पर आगामी 20 मार्च से 24 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।
शिविर में इलाज कराने आए मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए। अस्थमा (श्वास) की गंभीर समस्या से पीड़ित और अकेले जीवन यापन करने वाले उज्जैन निवासी मोतीलाल मेमरोट को वैद्य संतोष आनंद जायसवाल ने 4 दिन की दवा पूरी तरह निशुल्क दी है। मोतीलाल ने बताया कि दवा से उन्हें पहले ही दिन से श्वास लेने में काफी आराम मिला है।
वहीं, जेथल टेक से आईं राजू बाई बागड़िया, यशोदा बाई बागड़िया और सुगंधा बागड़िया ने घुटने के दर्द, कमर दर्द और सूजन की समस्या के लिए शिविर में परामर्श लिया। सटीक इलाज के लिए वैद्य ने इन्हें ईएसआर और सीआरपी टेस्ट करवाने की भी सलाह दी है।
उज्जैन, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में हर महीने लगेगा शिविर
माँ दुर्गा वन औषधि संजीवनी अनुसंधान प्राईवेट लिमिटेड के तत्वावधान में मध्य प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में प्रतिमाह 5 दिवसीय निशुल्क नाड़ी परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में 25 वर्षों के अनुभवी आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं नाड़ी वैद्य संतोष आनंद जायसवाल द्वारा मरीजों का उपचार किया जाएगा।
पर्चे में दी गई जानकारी के अनुसार, वैद्य संतोष आनंद जायसवाल बिना किसी जांच रिपोर्ट के केवल नाड़ी देखकर रोगों का सटीक निदान करते हैं। शिविर में चमत्कारी संजीवनी बूटियों द्वारा बिना ऑपरेशन के सफल इलाज किया जाएगा।
प्रदेश के 5 शहरों में शिविर का मासिक शेड्यूल
मरीजों की सुविधा के लिए संस्था ने अलग-अलग शहरों में शिविर की तारीखें निर्धारित की हैं। इसके तहत ग्वालियर में हर महीने की 1 से 5 तारीख तक प्रथम मंजिल, जगन्नाथ चैम्बर, होटल साया के बगल में (पड़ाव) शिविर लगेगा। इसी तरह जबलपुर में 6 से 14 तारीख तक 14/165 एवं 14/166, विजय नगर, कंचन विहार रोड (घड़ी चौराहा के पहले) और भोपाल में 15 से 19 तारीख तक होटल पार्क, रंगमहल टॉकीज (टी.टी. नगर, न्यू मार्केट) में मरीजों का उपचार किया जाएगा। उज्जैन में 20 से 24 तारीख तक जायसवाल धर्मशाला, क्षीरसागर (प्रकाश टॉकीज की गली में) तथा इंदौर में 25 से 30 तारीख तक चौकसे धर्मशाला, परदेशीपुरा (सुभाष नगर चौराहा) में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन बीमारियों का मिलेगा विशेष इलाज
शिविर में विशेष रूप से मिर्गी, साइनस, माइग्रेन, दमा, भगंदर, 6 प्रकार की बवासीर, पथरी, साइटिका, टी.बी. और थायराइड जैसे गंभीर मर्जों की केवल एक ही बार दवाई दी जाती है। इसके अतिरिक्त लिवर, किडनी, शुगर, 84 प्रकार के गठियावात, हृदय रोग, चर्म रोग और महिलाओं से संबंधित गंभीर बीमारियों सहित कुल 56 प्रकार के रोगों का आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से उपचार उपलब्ध रहेगा।
सभी शहरों में यह निशुल्क नाड़ी परीक्षण शिविर सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक संचालित होगा। रजिस्ट्रेशन और अधिक जानकारी के लिए मरीज मोबाइल नंबर 9300644113, 9422869113 और 9755703571 पर संपर्क कर सकते हैं।
बिना रिपोर्ट सिर्फ नाड़ी देखकर सटीक निदान
मां दुर्गा वन औषधि संजीवनी अनुसंधान के डायरेक्टर संतोष आनंद जायसवाल पिछले 25 वर्षों से बिना किसी जांच रिपोर्ट के केवल नाड़ी देखकर रोगों का सटीक निदान कर रहे हैं। शिविर में लिवर, किडनी, पथरी, थायराइड, बवासीर, स्पॉन्डिलाइसिस, गठियावात, सोरायसिस और हृदय रोग का इलाज किया जा रहा है।



