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उज्जैन में ट्रैफिक व्यवस्था राम भरोसे: चौराहों से पुलिस नदारद, ठेलों के कब्जे से बढ़ रहा हादसों का खतरा

सीसीटीवी निगरानी के दावों की पोल खुली, रामघाट और हरिफाटक ब्रिज पर केवल बाहरी वाहनों के चालान काटने में जुटी यातायात पुलिस

उज्जैन। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दिनों-दिन बद से बदतर होती जा रही है। शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था संभालते हुए नजर नहीं आती, जिसके कारण यातायात भगवान भरोसे चल रहा है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन कैमरों से यातायात नियंत्रण नहीं हो रहा है, बल्कि इनका उपयोग केवल नियम तोड़ने वालों के चालान बनाने तक सीमित रह गया है।
केवल बाहरी वाहनों पर पुलिस की सख्ती
शहर के मुख्य चौराहों से नदारद रहने वाली ट्रैफिक पुलिस केवल रामघाट और हरिफाटक ब्रिज जैसे कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही दिखाई देती है। यहां भी उनका मुख्य ध्यान शहर के बाहर से आने वाले वाहनों को रोककर चालान बनाने पर होता है। नागरिकों का मानना है कि चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी किसी वार्ड के पार्षद से भी ज्यादा जरूरी है, ताकि व्यवस्था सुचारू रहे और आम जन को परेशानी न हो।
सड़कों पर ठेलों का कब्जा, निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
पूरे शहर में हाथ ठेलों के कारण लगने वाला ट्रैफिक जाम अब एक आम समस्या बन गया है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर मार्ग तक अतिक्रमण और छोड़े गए साइडबैक में अवैध पार्किंग के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़कों पर ठेले वालों के बेतरतीब खड़े रहने से वाहन चालकों के लिए रास्ता नहीं बचता। लोगों की मांग है कि नगर निगम को ठेले वालों से ली जाने वाली 20 रुपये की पर्ची व्यवस्था तुरंत बंद करनी चाहिए, क्योंकि मुख्य सड़कें वाहनों के आवागमन के लिए हैं, ठेलों के लिए नहीं।
मोबाइल के उपयोग से सड़क हादसों का आमंत्रण
यातायात पुलिस की कोई सख्ती न होने के कारण दोपहिया और ऑटोरिक्शा चालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। शहर में अक्सर वाहन चालक एक हाथ से वाहन चलाते और दूसरे हाथ से मोबाइल का उपयोग करते देखे जा सकते हैं, जो लगातार हो रहे सड़क हादसों का एक बड़ा कारण है। हैरानी की बात यह है कि यातायात विभाग के बड़े अधिकारी भी अपने रूटीन राउंड के दौरान इन गंभीर लापरवाहियों को नोटिस नहीं करते हैं। शहर में सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस की सक्रियता और सख्त कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

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