उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर भड़का आक्रोशः विधायक का घेराव, कांग्रेस ने दी चेतावनी – “जनता के साथ खड़े हैं, बलपूर्वक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं“
पिपलीनाका क्षेत्र में 100 फीट चौड़ीकरण का विरोध; महिलाओं ने रोते हुए बयां किया दर्द, कांग्रेस ने की सर्वदलीय बैठक और मुआवजे की मांग, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से कराई गई प्रभावितों की चर्चा

उज्जैन। शहर में पिपलीनाका से गढ़कालिका मंदिर होते हुए भैरवगढ़ तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के विरोध में जनता सड़कों पर उतर आई है। गुरुवार को 400 से अधिक आक्रोशित रहवासियों ने विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा की कार रोककर उनका और भाजपा कार्यालय का घेराव किया। अपनी पीड़ा सुनाने पहुंचे इन रहवासियों को भाजपा कार्यालय पर भाजपा नेताओं द्वारा धक्के दिए गए।
इस घटना और चौड़ीकरण की कार्रवाई पर कांग्रेस ने प्रशासन तथा प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है और बलपूर्वक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में मुकेश भाटी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से प्रभावित रहवासियों की चर्चा भी कराई।
मुआवजे में भेदभाव का आरोप, सर्वदलीय बैठक की मांग
मुकेश भाटी और रवि राय ने प्राचीन नगर के स्वरूप को देखते हुए सड़क की चौड़ाई कम करने और पुलिस के दबाव में की जा रही कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की है। कांग्रेस ने प्रशासन से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने का आह्वान किया है। प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए नेताओं ने कहा कि शहर में एमपीआरडीसी और पीडब्ल्यूडी मुआवजा देते हैं, लेकिन नगर निगम भेदभाव कर रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि 2004 और 2016 के सिंहस्थ के पूर्व हुए चौड़ीकरण में सभी प्रभावित रहवासियों को मुआवजा दिया गया था। इसी तर्ज पर जिन लोगों के मकान टूट रहे हैं, उन्हें उचित मुआवजा और भवन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। शहर में एमआर-4 और अन्य चौड़ीकरण का भी नागरिक कड़ा विरोध कर रहे हैं।
रहवासियों की मांग- 80 फीट हो सड़क की चौड़ाई
नगर निगम के जोन-1 कार्यालय ने पिपलीनाका से ओखलेश्वर श्मशान और भैरवगढ़ जेल चौराहा तक के भवन स्वामियों को सात दिन में प्रभावित हिस्सा खाली करने का नोटिस दिया है। पहले यह सड़क 150 फीट चौड़ी होनी थी, जिसे घटाकर 100 फीट किया गया है। स्थानीय लोग इसे 80 फीट करने की मांग पर अड़े हैं ताकि कई मकानों को टूटने से बचाया जा सके। फिलहाल लोगों का 10 से 20 फीट तक का हिस्सा चौड़ीकरण की जद में आ रहा है, जिससे उनकी रोजी-रोटी और आशियाने पर संकट खड़ा हो गया है।
आशियाना छिनने के डर से रो पड़ीं महिलाएं, कांग्रेस करेगी आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं फूट-फूटकर रोती नजर आईं। स्थानीय रहवासी संगीता भारती ने रुंधे गले से बताया कि पति और बेटे को खोने के बाद वह परिवार में अकेली कमाने वाली हैं और मजदूरी कर गुजारा करती हैं। बीमारी और गरीबी के कारण उनके पास किराए के कमरे तक के पैसे नहीं हैं। वहीं, ममता सैनी ने गुहार लगाई कि छोटे बच्चों को लेकर वे कहां जाएंगी। घर टूटने के डर से लोग आत्महत्या करने की चेतावनी दे रहे हैं।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी नागरिक के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर लड़ेगी। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस क्षेत्रीय रहवासियों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी और इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।


