कंट्रोवर्शियल

ऑपरेशन की सहमति में देरी से नवजात की मौत, संजीवनी अस्पताल में हंगामा

डॉ. शिल्पा कोठारी ने माधव नगर थाने में दर्ज कराई शिकायत; परिजनों पर धमकाने का आरोप

उज्जैन। फ्रीगंज स्थित संजीवनी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद परिजनों द्वारा भारी हंगामा करने का मामला सामने आया है। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा कोठारी ने इस संबंध में माधव नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। डॉक्टर का आरोप है कि परिजनों द्वारा ऑपरेशन की सहमति देने में की गई देरी के कारण नवजात की जान गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपद्रव किया और स्टाफ को धमकाते हुए चले गए।
पुरुषों के इंतजार में नहीं दी समय पर सहमति
डॉ. शिल्पा कोठारी ने बताया कि मरीज महक मालवीय पिछले 9 महीने से उनके नियमित उपचार में थीं। 20 मार्च को प्रसव के दौरान अचानक स्थिति गंभीर हो गई और बच्चे का सिर फंसने के कारण उसकी धड़कन तेजी से गिरने लगी। उन्होंने तुरंत वहां मौजूद तीन महिला परिजनों को सी-सेक्शन ऑपरेशन की सलाह दी। लेकिन बार-बार समझाने के बावजूद परिजनों ने घर के पुरुषों के आने का इंतजार किया और समय पर सर्जरी की लिखित सहमति नहीं दी।
सहमति मिलने के 10 मिनट में किया ऑपरेशन
डॉ. कोठारी के अनुसार, जब तक लिखित सहमति मिली, तब तक बच्चे की हृदय गति 40 तक गिर चुकी थी। सहमति मिलने के मात्र 10 मिनट के भीतर ऑपरेशन किया गया, लेकिन निर्णय में हुई इस देरी के कारण नवजात को नहीं बचाया जा सका। इस जटिल प्रक्रिया के बाद भी मां पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है।
देर रात थाने में दर्ज करानी पड़ी शिकायत
डॉक्टर ने बताया कि नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में उपद्रव शुरू कर दिया। चिकित्सा कार्य में बाधा डाली गई और स्टाफ के साथ अभद्रता की गई। असुरक्षा और मानसिक प्रताड़ना के चलते डॉ. कोठारी को रात 1 बजे घर लौटना पड़ा और धमकियों के कारण रात 2 बजे माधव नगर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
सबूत मौजूद, निष्पक्ष जांच के लिए तैयार
माधव नगर थाना प्रभारी को दी गई शिकायत में 3-3/1 बख्तावर मार्ग (फ्रीगंज) स्थित अस्पताल की डॉ. शिल्पा कोठारी ने उपद्रव करने वालों पर कानूनी कार्रवाई और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के लिए सुरक्षा की मांग की है। उनका आरोप है कि अस्पताल का बकाया बिल न चुकाने के उद्देश्य से यह हंगामा किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सा के स्तर पर कोई कमी नहीं थी। उनके पास देरी से मिले सहमति पत्र, मेडिकल मॉनिटरिंग रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी पुख्ता सबूत मौजूद हैं और वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Related Articles

Back to top button