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गर्मियों में बच्चों के लिए क्या है बेहतर: जौ का सत्तू या काले चने का?

गर्मियां आते ही बच्चों में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चे दिनभर खेलते-कूदते हैं और अक्सर पानी पीने या अपनी डाइट का ठीक से ध्यान नहीं रख पाते। ऐसे में उन्हें चिलचिलाती धूप और गर्मी से बचाने के लिए सत्तू एक बेहतरीन और पौष्टिक देसी विकल्प है।

​लेकिन माता-पिता अक्सर इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि बच्चों को जौ का सत्तू पिलाएं या काले चने का? आइए, दोनों के फायदों को समझते हैं ताकि आप अपने बच्चे के लिए सही चुनाव कर सकें:

1. जौ का सत्तू (पेट और हाइड्रेशन के लिए)

​जौ का सत्तू अपनी ठंडी तासीर और शरीर को हाइड्रेट रखने वाले गुणों के लिए जाना जाता है।

  • पाचन रखे दुरुस्त: यह फाइबर से भरपूर होता है, जो बच्चों के पाचन को सही रखता है और कब्ज जैसी समस्या को दूर करता है।
  • शरीर को रखे ठंडा: यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है।
  • मिनरल्स का खजाना: इसमें आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम पाया जाता है, जो शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखता है।
  • याददाश्त के लिए अच्छा: माना जाता है कि इसके सेवन से बच्चों की स्मरण शक्ति (Memory) भी बेहतर हो सकती है।

2. काले चने का सत्तू (शारीरिक और दिमागी विकास के लिए)

​अगर आपका बच्चा बहुत ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करता है, तो काले चने का सत्तू उसके विकास के लिए बेहतरीन है।

  • प्रोटीन से भरपूर: यह मांसपेशियों के विकास और शरीर की टूट-फूट (tissues) की मरम्मत के लिए बहुत जरूरी है।
  • खून की कमी रोके: इसमें आयरन, जिंक और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है, जो बच्चों में थकान दूर करता है और एनीमिया (खून की कमी) नहीं होने देता।
  • दिमागी विकास में मददगार: इसमें मौजूद ‘बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन’ बच्चों के मानसिक विकास (Brain growth) और उनके कॉग्निटिव फंक्शन (सोचने-समझने की क्षमता) को बेहतर बनाते हैं।
  • इम्यूनिटी बूस्टर: इसके विटामिन्स और खनिज बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूती देते हैं।

निष्कर्ष: आपको क्या चुनना चाहिए?

​देखा जाए तो दोनों ही सत्तू बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद हैं, बस इनके फायदे अलग-अलग हैं।

    • ​अगर आप भयंकर गर्मी में बच्चे को डिहाइड्रेशन से बचाने और पेट को ठंडा रखने पर फोकस कर रहे हैं, तो जौ का सत्तू दें।
    • ​अगर आप बच्चे के शारीरिक विकास और मांसपेशियों की मजबूती पर ध्यान दे रहे हैं, तो अधिक प्रोटीन वाला काले चने का सत्तू चुनें।

मेरी सलाह: आप चाहें तो दोनों को मिलाकर भी बच्चों को दे सकते हैं। इससे उन्हें दोनों अनाजों का पोषण एक साथ मिल जाएगा!

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