समाज संसार
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर ‘जय भवानी-जय शिवाजी’, के उद्घोष के साथ निकली रैली
बच्चों ने किया लाठी-तलवारबाजी का हैरतअंगेज प्रदर्शन, 'हर हर महादेव', 'शिवाजी महाराज अमर रहें' के नारों से गूंजा बसंत विहार

उज्जैन। श्री छत्रपति शिवाजी उद्यान समिति ( बसंत विहार) के तत्वावधान व बसंत विहार सांस्कृतिक मंच एवं श्री हनुमान भक्त मंडल के मार्गदर्शन में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती भव्य रूप से मनाई गई। बसंत विहार ए-सेक्टर स्थित श्री छत्रपति शिवाजी उद्यान में आयोजित इस गरिमामय समारोह में शिवाजी महाराज के साहस, सुशासन और विरासत को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया।
बसंत विहार सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष राजेंद्र परब के नेतृत्व में सुबह 10 बजे प्रतिमा को फूलों से सजाकर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन व आरती की गई। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान चलाकर एक नेक संदेश भी दिया गया। समारोह के मुख्य अतिथि व मराठा समाज के अध्यक्ष श्री अनिल धर्मे ने अपने उद्बोधन में शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंच के सहसचिव नरेन्द्र कुमार चौरसिया ने बताया कि यह दिन मराठा गौरव, वीरता एवं एकता का प्रतीक है, जो युवा पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है।
शिवाजी उद्यान में बच्चों द्वारा निकाली गई रैली आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। देवी अवंतिका सामाजिक कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती करुणा शितोले के मार्गदर्शन में बच्चों की टीम ने शानदार लाठी कौशल और तलवारबाजी का प्रदर्शन किया। उपस्थित नागरिकों, महिलाओं और बच्चों ने ‘जय भवानी-जय शिवाजी’, ‘हर हर महादेव’, ‘शिवाजी महाराज अमर रहें’ और ‘हमारा राजा कैसा हो – शिवाजी महाराज जैसा हो’ के गगनभेदी नारे लगाकर पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया। स्वराज्य और स्वतंत्रता संग्राम के ये नारे भारत की संप्रभुता के प्रतीक के रूप में गूंजते रहे।
समारोह में संगीत सूर्य केशव राव भोसले संस्कृत परिषद की ओर से मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राजश्री जोशी एवं सचिव डॉ. नेत्रा रावणकर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में चन्द्र प्रकाश पाटीदार, अरुण होशे, विनोद उपाध्याय, राहुल पाटीदार, प्रदीप अरोरा, बंटी चंदेल, राजू पंडित, भगत सिंह सलूजा, संदीप श्रीवास्तव, दर्शन पंड्या, जी.के. जायसवाल, मुकेश कुंभकार, दिलीप सिंह देवड़ा, रमेश कुमावत, जे.एस. पांडेय, लोकेन्द्रसिंह बैस, जगदीश कुमावत, अनिल देशमुख, गोपाल महाकाल, हरीश घाडगे, लक्ष्मीकांत, दिनेश जैन, शशिकांत जोशी, वी.डी. सोनी, प्रकाश जेठवानी, उल्लास बक्शी, राजेन्द्र पाटणकर, विजय प्रजापति, नरेंद्र कुमावत, प्रकाश शाह और पंडित शिव शंकर चतुर्वेदी, मराठा समाज की ओर से सुरेश थोपटे, मिलिंद परहाड़कर, संतोष सुबेकर, मानसिंह शरद, तरुण उपाध्याय व गोपाल कृष्ण निगम विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में मातृशक्तियों की भी भारी सहभागिता रही। इनमें रोशनी पाटिल, छवि कदम, मोना शिंदे, रश्मि अहिरवार, हेमा यादव, बमनावत मैडम, भोजने मैडम, केलकर मैडम, निगुड़कर मैडम, पाटीदार मैडम, महाजन मैडम, उपाध्याय मैडम, होशे मैडम, पदमा परब, सीमा मेहता, प्रियंका चंदेल, तोशी श्रीवास्तव, प्रीति पांडे, प्रजापति मैडम और आचार्य मैडम की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में आभार मुकेश बमनावत ने माना।



