झाबुआ के युवाओं ने जानी मालवा की संस्कृति, मेरा युवा भारत के 5 दिवसीय शिविर का समापन
अंतरजिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत 37 युवाओं का दल पहुँचा था उज्जैन, सांसद के साथ की चाय पर चर्चा

भारत सरकार के उपक्रम मेरा युवा भारत के अंतर्गत अंतरजिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत उज्जैन में आयोजित 5 दिवसीय शिविर का शनिवार को समापन हो गया। इस शिविर में झाबुआ जिले से आए 37 युवाओं के दल ने भाग लिया और उज्जैन सहित पूरे मालवा क्षेत्र की संस्कृति, साहित्य, इतिहास और परंपराओं को करीब से जाना।
मेरा युवा भारत के जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिलाष म्हसके ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उज्जैन जिले की सांस्कृतिक विरासत, जीवन शैली और परंपराओं से परिचित कराना था, ताकि उनमें राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके। शिविर के दौरान युवाओं के लिए बौद्धिक सत्र, योग एवं ध्यान, व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण, समूह चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा युवाओं को उज्जैन के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्होंने मालवा की समृद्ध संस्कृति को समझा।
शिविर के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने युवाओं को जीवन कौशल, नेतृत्व विकास और समाज में उनकी भूमिका को लेकर मार्गदर्शन दिया। प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन भी किया। इसके साथ ही युवाओं ने उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया के साथ ‘चाय पर चर्चा’ कर उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से जाना।
कार्यक्रम का संचालन लोकेन्द्र तंवर द्वारा किया गया। समापन अवसर पर सभी 37 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर दारा सिंह चौधरी, संजय राज, डॉ. दिलीप परमार सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


