डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विवि में खुला प्रदेश का पहला ‘भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र’, प्रो. मूर्ति ने किया शुभारंभ
राष्ट्रीय समन्वयक बोले- भारतीय ज्ञान परंपरा के बिना देश की शिक्षा प्रणाली की कल्पना भी संभव नहीं

उज्जैन। नई पीढ़ी को भारत की समृद्ध और प्राचीन बौद्धिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय में प्रदेश के पहले ‘भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र’ का शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉक्टर दीपिका पाठक के अथक प्रयासों से स्थापित इस केंद्र का उद्घाटन भारत सरकार (नई दिल्ली) के भारतीय ज्ञान परंपरा के राष्ट्रीय समन्वयक प्रोफेसर गंती एस. मूर्ति के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
रामचरितमानस के पाठ से किया मंत्रमुग्ध
प्रोफेसर मूर्ति ने विश्वविद्यालय परिसर में फीता काटकर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने रामचरितमानस का संक्षिप्त पाठ भी किया, जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने संबोधन में प्रोफेसर मूर्ति ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के बिना देश की शिक्षा प्रणाली की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली में इसका समावेश अति आवश्यक है, ताकि आज और भविष्य की पीढ़ी में ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कारों को भी गहराई से पिरोया जा सके।
दर्शन, विज्ञान और कला का संगम है यह परंपरा
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि भारतीय ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों से विकसित भारत की गतिशील और समग्र बौद्धिक विरासत है। यह केवल आध्यात्मिक नहीं है, बल्कि दर्शन, विज्ञान, आयुर्वेद, योग, गणित और कला का एक ऐसा अनूठा संगम है, जो लौकिक और पारलौकिक ज्ञान को जोड़ता है। यह पूरी तरह से वेदों, उपनिषदों और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों से प्रेरित है।
विश्वविद्यालय परिवार ने किया आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में कुलगुरु डॉक्टर दीपिका पाठक ने विश्वविद्यालय परिवार की ओर से प्रोफेसर मूर्ति का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उनके साथ कुलानुशासक डॉक्टर करुणाकर शुक्ला, उप कुलपति डॉक्टर राजीव विश्वकर्मा, कुलसचिव संदीप गुप्ता, डॉक्टर मनीष मिश्रा और डॉक्टर दरवेश भंडारी ने भी मुख्य अतिथि की अगवानी की।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागण एवं प्राचार्यगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर ए. रेवती गुप्ता, डॉक्टर राकेश जाटव, डॉक्टर जे. सी. शर्मा, डॉक्टर संदीप सिंह सेंगर, डॉक्टर महेश गौतम, डॉक्टर दरवेश भंडारी, डॉक्टर मनीष मिश्रा, डॉक्टर प्रशांत श्रीवास्तव और डॉक्टर अमित मोदी ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।



