दत्त अखाड़ा में गूंजे वैदिक मंत्र, रुद्राभिषेक और संत समागम के साथ मनाई पीर राजेंद्र भारती की पुण्यतिथि
महंत परमेश्वर भारती के संयोजन में हुआ आयोजन, संतों ने कहा- गुरु के दिखाए सेवा मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

उज्जैन। पावन नगरी स्थित प्राचीन दत्त अखाड़ा में पीर महंत राजेंद्र भारती महाराज की पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाई गई। महंत परमेश्वर भारती के विशेष संयोजन और मार्गदर्शन में हुए इस आयोजन में रुद्राभिषेक, संत समागम और विशाल भंडारे के माध्यम से गुरु को नमन किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक
कार्यक्रम में गादीपति पीर सुंदर पुरी, जूना अखाड़ा के सभापति महंत मोहन भारती और थानापति विद्या भारती की विशेष उपस्थिति रही। अखाड़े के संत परिवार और आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महादेव का रुद्राभिषेक संपन्न कराया और गुरु चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अमर हैं गुरु के संस्कार और उपदेश
संत समागम के दौरान ‘गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोक्ष’ के भाव को आत्मसात करते हुए वक्ताओं ने पीर राजेंद्र भारती के जीवन दर्शन को याद किया। संतों ने कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सत्य, सेवा, मानवता और आध्यात्मिक जागरण के लिए समर्पित किया। उनका नश्वर शरीर भले ही पंचतत्व में विलीन हो गया हो, लेकिन उनकी विरासत, उपदेश और संस्कार आज भी भक्तों के हृदय में जीवंत हैं। संतों ने आह्वान किया कि गुरु के दिखाए प्रेम और जनकल्याण के मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही, सनातन धर्म की पताका को निरंतर ऊँचा रखने का संकल्प दोहराया गया।
इन्होंने निभाई सक्रिय भूमिका
धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। व्यवस्थाओं में साइको योग फाउंडेशन, परमहंस आदि शक्ति साधना केंद्र के राजू महाराज, गजेंद्र भाई, घनश्याम मीणा, संगीता कुशवाह, अंकित जैन और लक्ष्मी नारायण उपाध्याय सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।



