गपशप
दो दिवसीय कौशल उन्नयन एवं नेतृत्व विकास प्रशिक्षण में सहकारिता क्षेत्र में नवाचार और उन्नति पर जोर
विशेषज्ञों ने दिए सफलता के मंत्र; संस्थाओं से हर तीन महीने में ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने की अपील

उज्जैन। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी संघ मर्यादित भोपाल और जिला सहकारी संघ मर्यादित उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘कौशल उन्नयन एवं नेतृत्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 19 और 20 फरवरी को आयोजित इस शिविर में उज्जैन जिले की नागरिक सहकारी बैंकों और साख सहकारी संस्थाओं के अध्यक्षों, संचालकों, प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने सहभागिता की।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से ही संभव है विकास
समापन समारोह को संबोधित करते हुए जिला सहकारी संघ के प्रभारी प्रबंधक सुमेरसिंह सोलंकी ने निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थाओं को अपने सदस्यों के लिए कम से कम हर तीन महीने में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने चाहिए, ताकि उन्हें उन्नति के मार्ग पर ले जाया जा सके। “गुरु बिन ज्ञान नहीं” की उक्ति का स्मरण कराते हुए श्री सोलंकी ने सलाह दी कि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संस्थाओं को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन अवश्य लेना चाहिए, ताकि सदस्यों और संस्था दोनों का हित सुनिश्चित हो सके।
नवाचार और वित्तीय प्रबंधन पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में ऑडिट ऑफिसर संजीव शर्मा ने संस्थाओं के जन्म से लेकर उनकी वर्तमान बहुउद्देशीय भूमिकाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शासन और सहकारिता विभाग द्वारा दी जाने वाली मदद, नियम-कानून और नवाचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
वहीं, सहकारी प्रशिक्षण केंद्र (इंदौर) के प्राचार्य श्री दिलीप मरमट ने साख सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को संस्था से जोड़ें। उन्होंने सदस्यों के रोजमर्रा के कार्यों को सुचारू बनाने के लिए ‘प्रतिदिन ऋण’ (डेली लोन) उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया।
एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता
पूर्व पार्षद श्री बुद्धिप्रकाश सोनी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में कई संस्थाएं सेवा और आर्थिक दृष्टि से पिछड़ रही हैं, इसलिए सभी सहकारी संस्थाओं को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। श्री जयप्रकाश जूनवाल ने जिला सहकारी संघ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सतत प्रशिक्षणों से संचालकों और कर्मचारियों में अनुभव की कमी दूर होती है और उन्हें नई ऊर्जा व दृष्टिकोण मिलता है।
प्रमाण-पत्र और बैग वितरण के साथ हुआ समापन
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला सहकारी संघ द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र और बैग वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्रबंधक श्री सुमेरसिंह सोलंकी ने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।



