’निर्झरणी महोत्सव’ में कबीर मालवीय ने दी नर्मदा केन्द्रित लोकगायन की प्रस्तुति
नर्मदा जयन्ती के अवसर पर पुलिस ग्राउण्ड, डही (धार) में आयोजन किया गया

उज्जैन। नर्मदा जयन्ती के अवसर पर आयोजित ’निर्झरणी महोत्सव’ में उज्जैन के कबीर मालवीय द्वारा नर्मदा केन्द्रित लोकगायन की प्रस्तुति दी।
विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी माँ नर्मदा जयन्ती के अवसर पर ’निर्झरणी महोत्सव’ का आयोजन पुलिस ग्राउण्ड, डही (धार) में आयोजित किया गया। महोत्सव में कबीर मालवीय द्वारा ’माँ नर्मदा केन्द्रित लोकगायन’ की प्रस्तुति दी गई।
बांकी-बांकी सूंड से आया हो गजानंद, जय हो नर्मदा मैया, जय-यज मात भवा, शिव की बेटी मात नर्मदा, गहरी नरबदा नो गेहरो पानी, मेरी झोपड़ी के भाग आज जाग जाएंगे राम आएंगे, मेरे भोले का डमरू बाजे डम डम डम जैसे गीत मंच से कबीर मालवीय ने सुनाए। मुख्य गायक कबीर मालवीय के साथ ही सहगायक के रूप में सुंदरलाल मालवीय, यशस्विनी निगम, ढोलक पर सूरज चकरावदिया, वायलीन संजय डोडीयार, नगाड़ी मनोज घुड़ावद तथा पेड पर रामु डावर ने संगत की।



