नीलगंगा सरकार में 2 अप्रैल को मनेगा हनुमान जन्मोत्सव, होगा विशाल भंडारे का आयोजन
स्कंद पुराण में वर्णित प्राचीन नीलगंगा हनुमान मंदिर में 16वें वर्ष भी होंगे भव्य आयोजन, अखंड धूना है आस्था का केंद्र

उज्जैन। शहर के प्राचीन और ऐतिहासिक श्री अंजनीपुत्र नीलगंगा हनुमान मंदिर नीलगंगा सरकार में इस वर्ष भी हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 2 अप्रैल गुरुवार को मंदिर ट्रस्ट और भक्तगण के सहयोग से लगातार 16वें वर्ष विशाल भंडारा आयोजित होगा।
मंदिर ट्रस्ट के महंत अर्पित दास और पुजारी राजू गुरु ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम के तहत दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। इसके पश्चात शाम 5 बजे महाआरती होगी और फिर भोजन प्रसादी के रूप में भंडारा शुरू होगा, जो प्रभु इच्छा तक अनवरत चलेगा। शाम को होने वाली इस विशेष महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस आयोजन में सपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
स्कंद पुराण के अवंती खंड में है तीर्थ का उल्लेख
नीलगंगा हनुमान मंदिर अपनी प्राचीनता, पौराणिकता और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। धार्मिक ग्रंथ स्कंद पुराण के अवंती खंड में इस पवित्र स्थल का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि यहां माता अंजनी के साथ श्री हनुमान जी ने तपस्या की थी, जिसके चलते यह स्थल सिद्ध पीठ के रूप में विख्यात हुआ।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां गंगा यहां गुप्त रूप से प्रकट हुई थीं, इसी वजह से इस तीर्थ का नाम नीलगंगा पड़ा। ऐसी मान्यता है कि यहां स्नान और दर्शन करने से पापों का नाश होता है और विशेष पुण्य मिलता है। इस पावन स्थल पर कई वर्षों से अखंड धूना निरंतर प्रज्वलित है, जो भगवान हनुमान जी की कृपा का प्रतीक और भक्तों की श्रद्धा का मुख्य केंद्र बना हुआ है।



