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पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला संपन्न, उज्जैन की टीम ने किया प्रभावी प्रतिनिधित्व

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, पुलिस और यूएन-वूमेन की संयुक्त पहल; भोपाल में आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए उज्जैन के पुलिस अधिकारी और पर्यटन सखियां

उज्जैन: मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और विश्वासपूर्ण बनाने के उद्देश्य से भोपाल के होटल पलाश रेसिडेंसी में 26 से 28 फरवरी तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, पुलिस विभाग की महिला सुरक्षा शाखा और यूएन-वूमेन के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के तहत आयोजित इस कार्यशाला में उज्जैन जिले की टीम ने प्रभावी सहभागिता की।

कार्यशाला में प्रदेश के 11 जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उज्जैन जिले से पिछले चार वर्षों से इस परियोजना पर काम कर रही संस्था सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट कार्ड की परियोजना समन्वयक अमृता चतुर्वेदी और सर्वोपरी सशक्त नारी क्षेत्र स्तरीय महिला मंडल से नैना मंसूरिया ने जिले का प्रतिनिधित्व किया। पुलिस विभाग की ओर से प्रधान आरक्षक सुरेंद्र तामरे और निरीक्षक आर एस शक्तावत ने भी कार्यशाला में भाग लेकर उज्जैन का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया।

दीप प्रज्वलन और पौधारोपण के साथ शुरू हुए इस आयोजन में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक इलैयाराजा टी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पर्यटन विकास की आधारशिला है। कार्यशाला के दौरान धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण एवं ईको-टूरिज्म, पुरातात्विक स्थल, वन क्षेत्र, साहसिक पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ। प्रतिभागियों ने पर्यटन ग्राम खारी, केकड़िया, भोजपुर, भीमबेटका, वन विहार, केरवा डैम और बोट क्लब का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं और आधारभूत सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन भी किया।

कार्यशाला के अंतिम दिन विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और स्थानीय स्तर पर प्रभावी समन्वय विकसित करने के निर्देश दिए। इस वर्चुअल बैठक में उज्जैन से पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी शामिल हुए। कार्यक्रम में गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, पर्यटन निगम और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन प्रदान कर मध्य प्रदेश को देश का सबसे सुरक्षित पर्यटन स्थल बनाने के संकल्प को दृढ़ किया।

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