’पल्लवन 2026’ में छात्राओं को मिला आत्मनिर्भरता का मंत्र
कालिदास कन्या महाविद्यालय में तीन दिवसीय वार्षिक स्नेह सम्मेलन में उत्कृष्ट छात्राएं हुईं पुरस्कृत

अतिथियों ने शिक्षा और आत्मविश्वास को बताया सफलता की कुंजी
उज्जैन। शासकीय कालिदास कन्या महाविद्यालय में 24 फरवरी से चल रहे तीन दिवसीय वार्षिक स्नेह सम्मेलन ‘पल्लवन 2026’ का गुरुवार 26 फरवरी को गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम में छात्राओं को जीवन में साहस बनाए रखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, वर्ष भर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभावान छात्राओं को पुरस्कार व प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
कठिनाइयों से निखरता है व्यक्तित्वः शाश्वत शर्मा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर शाश्वत शर्मा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जो सीधे खड़े होकर मुस्कुरा सकता है, इसलिए हर परिस्थिति में मुस्कान और साहस बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह तपकर लोहा औजार और सोना आभूषण बनता है तथा पत्थर तराशने से मूर्ति बनती है, उसी प्रकार कठिनाइयां व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारती हैं।
विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने छात्राओं को नारी-शक्ति का स्मरण कराया। उन्होंने शिक्षा और आत्मविश्वास को सामाजिक संकीर्णताओं को तोड़ने का सशक्त माध्यम बताते हुए जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया।
वर्तमान में जिएं और स्वयं के लिए समय निकालेंः प्राचार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. वंदना गुप्ता ने छात्राओं से कहा कि अतीत की स्मृतियों और भविष्य की चिंताओं में उलझकर हम अपना वर्तमान खो देते हैं। उन्होंने आर्थिक आत्मनिर्भरता को आत्मबल का आधार बताते हुए छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ जीने और स्वयं के लिए समय निकालने की प्रेरणा दी।
इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और महाविद्यालय के कीर्ति-गान से हुई। छात्रसंघ प्रभारी डॉ. कविता जैन मंगलम ने अतिथियों का परिचय दिया। राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष परमार ने वार्षिक प्रतिवेदन पढ़कर शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल और सामाजिक गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. भावना नागर और क्रीड़ा अधिकारी घनेंद्र चौधरी ने किया, जबकि आभार डॉ. कविता जैन ने माना। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं और प्राध्यापकों के लिए स्नेह-भोज का आयोजन किया गया, जिसने ’पल्लवन 2026’ को अविस्मरणीय बना दिया।



