कंट्रोवर्शियल
पुरातत्व धरोहर पीर मत्स्येंद्रनाथ समाधि स्थल पर अवैध निर्माण की कोशिश, रहवासियों ने जनसुनवाई में की शिकायत
मनोहर गहलोत और पार्षद भूरू गहलोत के नेतृत्व में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, निर्माण सामग्री जप्त करने की मांग
उज्जैन। गढ़कालिका वन क्षेत्र स्थित शिप्रा तट के निकट सिद्ध क्षेत्र पीर मत्स्येंद्रनाथ समाधि स्थल पर अवैध निर्माण की सुगबुगाहट तेज हो गई है। यह स्थल पुरातत्व विभाग का संरक्षित स्मारक है, इसके बावजूद यहां अवैध रूप से निर्माण सामग्री डाली जा रही है। मंगलवार को पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोहर गहलोत और क्षेत्रीय पार्षद हेमंत (भूरू) गहलोत के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को शिकायत दर्ज कराई।
ज्ञापन में बताया गया कि समाधि स्थल पर पहले से टीन शेड लगा हुआ है, लेकिन अब कुछ लोगों द्वारा वहां भवन निर्माण सामग्री और नए टीन शेड डाल दिए गए हैं। आशंका है कि बिना किसी सक्षम अनुमति के यहां मनमाने ढंग से पक्का निर्माण किया जाएगा, जिससे ऐतिहासिक धरोहर के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ होगी और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।
तुरंत काम रोकने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की है कि संरक्षित स्मारक क्षेत्र में हो रहे इस अवैध निर्माण को समय रहते रोका जाए और मौके से सामग्री हटवाई जाए। आवेदन देने वालों में प्रमुख रूप से किशोर कुमार भारती, सुमित बिरथरे, सुमित कालिया, मनोहर, गोपाल, लक्की सिसौदिया और प्रेम शामिल थे।



