सेहतनामा
‘प्रिज़र्व बिफोर यू रिमूव’: दांत बचाना ही आधुनिक दंत चिकित्सा का मुख्य लक्ष्य
आईडीए के निरंतर दंत शिक्षा कार्यक्रम में 'वाइटल पल्प थेरेपी' पर हुआ मंथन, जुटे शहर के दंत चिकित्सक

उज्जैन। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) द्वारा शहर में निरंतर दंत शिक्षा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। डॉ. निहित सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित इस वैज्ञानिक सत्र का मुख्य विषय ‘वाइटल पल्प थेरेपी – प्रिज़र्व बिफोर यू रिमूव’ (निकालने से पहले संरक्षित करें) रहा, जिसमें प्राकृतिक दांतों को बचाने और उनके संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. अनुज भारद्वाज ने अपने व्याख्यान में बताया कि आधुनिक दंत चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य अब दांतों को निकालना नहीं, बल्कि उन्हें यथासंभव सुरक्षित रखना है। उन्होंने ‘वाइटल पल्प थेरेपी’ की नवीनतम तकनीकों, उपचार की सटीक प्रक्रियाओं और अपने क्लिनिकल अनुभवों को साझा किया। डॉ. भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि यदि सही निदान और समय पर हस्तक्षेप किया जाए, तो प्राकृतिक दांतों को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शहर के बड़ी संख्या में दंत चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा डॉ. अपूर्व धारीवाल ने प्रस्तुत की तथा उपस्थित अतिथियों का विधिवत स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंकित बाबर ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों व चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। आईडीए के समाचार संपादक डॉ. शुभम करोड़े ने इस सत्र को चिकित्सकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक बताते हुए आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे अकादमिक आयोजनों का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।



