बारिश और आंधी से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग, कांग्रेस ने किया कलेक्टर कार्यालय का घेराव
किसानों के हक में कांग्रेस का हल्लाबोल: प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम, सोयाबीन के बाद अब गेहूं की फसल का भी नहीं मिला मुआवजा तो होगा उग्र आंदोलन

उज्जैन। संपूर्ण मालवा अंचल सहित उज्जैन जिले में हाल ही में हुई तेज बारिश और आंधी के कारण किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा तत्काल सर्वे शुरू नहीं किए जाने को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। किसानों की मांगों को लेकर जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक महेश परमार, महिदपुर विधायक दिनेश जैन बॉस और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि 10 दिन के भीतर सर्वे कर किसानों को मुआवजा और राहत राशि नहीं दी गई, तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।
बीमा कंपनियों की मनमानी पर महेश परमार की चेतावनी
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक महेश परमार ने कहा कि पूर्व में भी सोयाबीन की फसल खराब होने पर किसानों को बीमा कंपनियों द्वारा कोई सहायता राशि नहीं दी गई थी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब कांग्रेस चुप बैठने वाली नहीं है। प्रशासन को 10 दिन का समय दिया गया है। यदि तत्काल सर्वे कर किसानों को राहत राशि और फसल बीमा का लाभ नहीं दिया गया, तो कांग्रेस किसानों के हक के लिए सड़क पर उतरकर लगातार आंदोलन करती रहेगी।
विधायक दिनेश जैन बॉस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि वह बीमा कंपनी के सर्वे को मानेगी या पटवारियों द्वारा किए गए सर्वे को। वहीं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री का गृह नगर उज्जैन होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। इसी घोर लापरवाही से क्षुब्ध होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किसानों के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
किसानों की लागत डूबी, सरकार करे मदद: रवि राय
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने प्रशासन की सुस्ती को घोर निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अतिवृष्टि और तेज हवाओं से फसलें बर्बाद हुई हैं, वहां का किसान गहरी चिंता में है। पहले सोयाबीन की फसल खराब हुई और अब गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई है। किसानों का बहुत पैसा और मेहनत डूब गई है, ऐसे में राज्य सरकार को आगे आकर तत्काल उनकी मदद करनी चाहिए। कार्यक्रम को किसान कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक जाट ने भी संबोधित किया।
कलेक्टर कार्यालय के घेराव और इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से वीर सिंह राणा, दरबार सिंह सोलंकी, लोकेंद्र सिंह पंवार, शंकर पटेल, गुड्डू कुरेशी, पदम सिंह पटेल, किशन चंदेल, दीपू बना, विनोद कारपेंटर, सुरेंद्र सिंह चौहान, सुरेश चौधरी, विजय सिंह पटेल और हरिराम पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं किसान उपस्थित रहे।



