भोपाल के शहीद भवन में गूंजी अमर शहीदों की गाथा, माच शैली में ‘शहीद भगत सिंह’ का सफल मंचन
स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन के माच गुरु सुंदरलाल मालवीय के निर्देशन में कलाकारों ने दी भावांजलि

भोपाल। स्वराज संस्थान संचालनालय, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के बलिदान दिवस के अवसर पर सोमवार, 23 मार्च को राजधानी के शहीद भवन में विशेष नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। मालवा की पारंपरिक लोक नाट्य शैली माच में ‘शहीद भगत सिंह’ के जीवन और उनके सर्वोच्च बलिदान को मंच पर जीवंत किया गया।
माच गुरु सुंदरलाल मालवीय का निर्देशन
इस गौरवशाली गाथा का मंचन सुवासा माच घराने के कलाकारों द्वारा किया गया। नाटक का निर्देशन, परिकल्पना एवं संगीत उज्जैन के प्रतिष्ठित माच गुरु सुंदरलाल मालवीय ने तैयार किया। नाटक का लेखन सुंदरलाल मालवीय एवं यशस्विनी निगम द्वारा किया गया है, जबकि आलोकन जगरूपसिंह चौहान का रहा।
प्रमुख पात्र और कलाकार
प्रस्तुति में देशप्रेम की भावना को विभिन्न कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं से प्रभावी बनाया। नाटक में भगत सिंह की भूमिका कबीर मालवीय ने निभाई। चंद्रशेखर आजाद व सुखदेव के किरदार में आदर्श यादव, पिता किशन सिंह एवं लाला लाजपत राय की भूमिका में पंकज आचार्य और बटुकेश्वर दत्त व राजगुरु के रूप में नमन गुप्ता नजर आए। दुर्गा भाभी का किरदार रागिनी चौहान, मां का किरदार खुशी लोधी और बाल कलाकार की भूमिका मास्टर वीरांश चौहान ने निभाई।
अन्य महत्वपूर्ण पात्रों में बेढब के रूप में प्रकाश देशमुख, भिष्ति व सिपाही के रूप में नरेन्द्र वर्मा, जयपाल के रूप में पवन मालवीय, वार्डर साहब व सिपाही के रूप में दयाराम सारोलिया एवं जज व पुलिस अधिकारी के रूप में अतुल सेन ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी। फर्रासन के रूप में गार्गी आचार्य, अंशिता नामदेव, हर्षिता ठाकुर एवं यशस्विनी निगम ने मंच पर अपना सहयोग दिया।
प्रभावशाली रहा संगीत एवं वस्त्र विन्यास
माच शैली की इस प्रस्तुति में संगीत ने दर्शकों को बांधे रखा। इसमें हारमोनियम पर स्वयं सुंदरलाल मालवीय, ढोल पर सूरज चक्ररावदिया और पुस्तकेजी के रूप में यशस्विनी निगम ने साथ दिया। नाटक के वस्त्र विन्यास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यशस्विनी निगम ने सफलतापूर्वक निभाई। विधायक विश्राम गृह परिसर स्थित शहीद भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।



