मजदूर हितों की अनदेखी पर बड़े आंदोलन की चेतावनी, 25 संगठनों ने उज्जैन में किया प्रदर्शन
अखिल भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर उज्जैन में मनाया गया ’विरोध दिवस’

कोठी पैलेस पर निकाली गई सांकेतिक रैली, लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उज्जैन। अखिल भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को उज्जैन में भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में ’विरोध दिवस’ मनाया गया। संघ से संबद्ध 25 विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कोठी पैलेस स्थित कलेक्टर कार्यालय पर एकत्रित होकर सांकेतिक रैली निकाली और अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री किशन सिंह शेखावत ने बताया कि यह ज्ञापन कार्यक्रम देश के सभी जिलों में एक साथ आयोजित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मजदूर वर्ग की विभिन्न लंबित मांगों की ओर केंद्र और प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी मांगों का वाचन किया और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। इस दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा मजदूर हितों की अनदेखी की गई, तो भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में आगामी दिनों में इससे भी अधिक व्यापक और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधि सलाहकार शिवचरण शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आनंद शिंदे, विभाग प्रमुख सतीश शर्मा, जिलाध्यक्ष मनीष कारपेंटर और कार्यकारी अध्यक्ष तूफान शर्मा उपस्थित रहे।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधित्व के रूप में आंगनवाड़ी से जिलाध्यक्ष उम्मीद तोमर व जिला महामंत्री रजनी सिसोदिया, आशा संघ से सुमन पटेल, घटिया गैस प्लांट से मलखान सिंह सिसोदिया, कमल राय व कुलदीप भभूतिया, राज्य कर्मचारी संघ से मांगीलाल पाटीदार व ओम जादौन तथा रेलवे से कैलाश भावसार व राजेश दीक्षित शामिल हुए।
इनके अलावा दैनिक वेतनभोगी संघ से प्रदीप झा, पंचायत सचिव संघ से सत्यनारायण शर्मा, अतिथि शिक्षक संघ से राहुल जायसवाल व आशीष शर्मा, शिक्षक संघ से प्रेम प्रकाश, आउटसोर्स कर्मचारी संघ से राजेश मालवीय, ई-रिक्शा संघ से बल्लू ठाकुर, प्राइवेट ट्रांसपोर्ट से अब्दुल हाफिज व प्रकाश त्रिवेदी, बिजली आउटसोर्स से राहुल मालवीय व पंकज डूंगरिया, हाथठेला संघ से संजय चौहान व कालूराम, कृषि उपज मंडी संघ से मोहन जायसवाल और अन्य संगठनों की ओर से बरखा कटारिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।



