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मनरेगा उपयंत्रियों पर भारी पड़ रहा काम का दबाव और रुका वेतन, 6 माह में 10 की मौत

42 वर्षीय उपयंत्री सूरज मालवीय का हार्ट अटैक से निधन, तकनीकी कर्मचारियों में गहरा शोक; शासन से दखल की मांग

उज्जैन। मनरेगा में कार्यरत उपयंत्री सूरज मालवीय का महज 42 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके इस असामयिक निधन से मनरेगा से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों और सहकर्मियों में गहरा शोक है। सूरज मालवीय को एक कर्मठ, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ उपयंत्री के रूप में जाना जाता था, जिनका ग्रामीण विकास कार्यों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके निधन से विभाग और परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है।

इस घटना ने मनरेगा कर्मचारियों की खराब कार्य परिस्थितियों और मानसिक तनाव को भी उजागर किया है। वर्तमान में मनरेगा के तकनीकी कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्य दबाव और लक्ष्य आधारित प्रतिस्पर्धा है। इसके अलावा कई स्थानों पर 6 से 7 महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी भारी मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। यह बेहद चिंता का विषय है कि काम के इसी दबाव और तनाव के चलते पिछले 6-7 महीनों के दौरान लगभग 10 मनरेगा उपयंत्रियों की कम उम्र में मौत हो चुकी है। इन लगातार हो रही मौतों से कर्मचारियों के बीच गहरी असुरक्षा की भावना व्याप्त है।

मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों और संगठनों ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, मानसिक दबाव और लंबित वेतन के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। सभी सहकर्मियों ने जनपद पंचायत खिलचीपुर जिला राजगढ़ में पदस्थ रहे दिवंगत सूरज मालवीय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की है।

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