महाकाल मंदिर के पास एमपीटी होटल में पका मांसाहार, आस्था से खिलवाड़ पर महाकाल सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग
शुद्ध शाकाहारी घोषित इस होटल में रात के समय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपने लिए मांसाहार पकाने की घटना से श्रद्धालुओं में भारी रोष

उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (एमपीटी) के ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल’ में मांसाहारी भोजन पकाने का मामला सामने आया है। शुद्ध शाकाहारी घोषित इस होटल में रात के समय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपने लिए मांसाहार पकाने की घटना से श्रद्धालुओं में भारी रोष है। इस कृत्य को आस्था से खिलवाड़ बताते हुए महाकाल सेना ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
कैमरे का एंगल बदलकर पकाया जा रहा था मांस
जानकारी के अनुसार, होटल के कर्मचारी रात के समय किचन में मांसाहार पकाते थे। अपनी इस करतूत को छिपाने के लिए वे जानबूझकर किचन में लगे सीसीटीवी कैमरे का एंगल बदल देते थे, जिसके फुटेज भी सामने आए हैं। महाकाल सेना के प्रदेश धर्म प्रकोष्ठ प्रमुख राजेश बैरागी और सह संयोजक राम शर्मा ने कहा कि देशभर से आने वाले महाकाल के भक्त इस होटल को शुद्ध शाकाहारी मानकर यहां ठहरते हैं। ऐसे में यह कृत्य श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी चोट पहुंचा रहा है। महाकाल मंदिर क्षेत्र में शासन के नियमानुसार मांस-मदिरा पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद ऐसी गतिविधियां सरकार और मंदिर दोनों की छवि धूमिल कर रही हैं।
एमपीटी की आय से 25% राशि मंदिर विकास में देने की मांग
महाकाल सेना ने मंदिर समिति अध्यक्ष से मांग की है कि जिस तरह नागपंचमी पर्व पर शीघ्र दर्शन की प्राप्त राशि और मंदिर में होने वाले जप अनुष्ठान की रसीद से 25% राशि काटी जाती है (जिसमें 75% राशि महंत को दी जाती है), उसी तर्ज पर एमपीटी होटल के किराये की राशि में से भी 25% हिस्सा मंदिर विकास के लिए लिया जाना चाहिए।
दर्शन व्यवस्था में भेदभाव खत्म करने की अपील
संगठन ने दर्शन व्यवस्था में हो रहे भेदभाव पर भी सवाल उठाए हैं। एमपीटी होटल में ठहरने वाले श्रद्धालुओं को भस्मारती और 13 नंबर गेट से शीघ्र दर्शन जैसी विशेष सुविधाएं दी जाती हैं। महाकाल सेना का कहना है कि मंदिर विकास के लिए लाखों रुपए दान देने वाले सामान्य श्रद्धालुओं को भी एमपीटी के मेहमानों जैसी ही सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि कोई भी भक्त स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और निलंबन की मांग
महाकाल सेना ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने कहा है कि एमपीटी होटल के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सनातन धर्म और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।



