पाठशाला
महाविद्यालय विकास में अहम कड़ी के रूप में योगदान दें छात्राएं – श्रीराम तिवारी
शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'अनुगूँज-2026' का समापन, विजेताओं को किया पुरस्कृत

उज्जैन। छात्राएं अपने उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ें और महाविद्यालय विकास में एक अहम कड़ी के रूप में अपना योगदान सर्वदा अपनी मातृ संस्था को देती रहें।
ये उद्गार मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी ने शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उज्जैन के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव “अनुगूँज 2026” के समापन समारोह में व्यक्त किए। वार्षिकोत्सव का समापन अंतिम दिवस युगल एवं समूह नृत्य प्रतियोगिताओं के रंगारंग आयोजन के साथ हुआ।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्य परिषद सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार राजेश सिंह कुशवाह, शिप्रा लोक संस्कृति के अध्यक्ष नरेश शर्मा, माधव विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरीश व्यास, सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ के एकेडमिक निदेशक डॉ. रमन सोलंकी एवं राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राजेश सिंह कुशवाह ने कहा कि वार्षिकोत्सव का समय विश्वविद्यालय परीक्षाओं के पूर्व स्वयं को रिलैक्स करने का समय होता है, जिससे वे परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर पाएं। वहीं राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज ने छात्राओं का आव्हान किया कि उन्हें जड़ों से जुड़ा रहकर संस्कारों को जीवित रखना है, क्योंकि नई पीढ़ी गढ़ने में उनका अहम योगदान होने वाला है।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. प्रशांत पुराणिक ने कहा कि वार्षिक स्नेह सम्मेलन विद्यार्थियों में संस्था के प्रति अपनेपन की भावना विकसित करने के साथ उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने का एक सुअवसर होता है।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
समारोह में डॉ. उज्ज्वला बाबर ने स्नातक स्तर पर गणित विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा आस्था बैरागी को ‘डॉ. शेखर बाबर स्मृति रजत पदक’ प्रदान किया। इसके साथ ही ग्राम नाटाराम (राजगढ़) की राष्ट्रीय एथलीट एवं पर्वतारोही आशा मालवीय का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने पूरे भारत में 6000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा की है।
पुरस्कार वितरण समारोह में मेरिट में स्थान प्राप्त करने वाली, खेलकूद, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं इको क्लब द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इससे पूर्व संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। छात्रसंघ एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. रश्मि भार्गव ने स्वागत भाषण एवं वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चना अखंड ने किया और आभार डॉ. संगीता कार्लेकर ने माना।



