धर्म-कर्म
महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि और महालक्ष्मी योग का अद्भुत संयोग
सूर्य के वार 'रविवार' को बरसेगी शिव कृपा

रामघाट स्थित श्री ढूंढेश्वर महादेव मंदिर में चौथे वर्ष होगा नि:शुल्क अभिमंत्रित रुद्राक्ष वितरण
उज्जैन। इस वर्ष महाशिवरात्रि (15 फरवरी) पर ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जो भक्तों के लिए विशेष फलदायी साबित होगा। शासकीय पुजारी एवं ज्योतिर्विद पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि रविवार को है। चूंकि संवत्सर के राजा सूर्यदेव हैं और रविवार उनका ही दिन है, इसलिए यह पर्व विशेष शुभ माना जा रहा है।
पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास के अनुसार इस दिन ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ बन रहा है, जो कार्यों में सफलता दिलाता है। मकर राशि में चंद्र-मंगल की युति और कुंभ राशि में शुक्र-बुध का होना ‘महालक्ष्मी योग’ का निर्माण कर रहा है। यह योग व्यापार, व्यवसाय और आमदनी के लिए अत्यंत शुभ है।
शाम 7:48 तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद ‘श्रवण नक्षत्र’ शुरू होगा, जिसे शिववास माना जाता है। इस दौरान की गई पूजा और अभिषेक मनोकामना पूर्ति और गृहस्थ जीवन में सुख-शांति लाते हैं।
ढूंढेश्वर महादेव पर बंटेगा रुद्राक्ष और फलाहार
महाकाल की नगरी में इस पर्व को शिव नवरात्रि महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में रामघाट स्थित 3/84 श्री ढूंढेश्वर महादेव मंदिर में सुबह 10 बजे से भव्य आयोजन होंगे। यह लगातार चौथा वर्ष है जब यहाँ श्रद्धालुओं को नि:शुल्क अभिमंत्रित रुद्राक्ष और फलाहार प्रसादी वितरित की जाएगी।
मंदिर में भगवान का अभिषेक, श्रृंगार, पूजन और अन्नकूट होगा। साथ ही सुमधुर भजनों की प्रस्तुति और महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर विप्र विद्वत ब्राह्मण, समाजसेवी और पत्रकारों का सम्मान भी किया जाएगा।



