पाठशाला

मातृशक्ति साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप, डिजिटलीकरण से ग्रामीण महिलाएं हो रहीं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित; ICSSR के सहयोग से विशेषज्ञों ने महिला सशक्तीकरण और डिजिटल क्रांति पर किया मंथन

उज्जैन/इंदौर. प्रदेश की अग्रणी शिक्षण संस्थाओं में शुमार डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय (इंदौर) में ‘ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में डिजिटलीकरण की क्षमता’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर मूर्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक डिजिटल युग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की।
कुलगुरु ने किया आत्मीय स्वागत, गिनाए सकारात्मक परिणाम
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. दीपिका पाठक ने प्रोफेसर मूर्ति का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर कुलानुशासक डॉ. करुणाकर शुक्ला, उप कुलपति डॉ. राजीव विश्वकर्मा और कुलसचिव संदीप गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में कुलगुरु डॉ. दीपिका पाठक ने विश्वविद्यालय द्वारा ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने में बेहद सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं और उनका जीवन स्तर ऊपर उठ रहा है।
मातृशक्ति है लक्ष्मी का स्वरूप: प्रो. मूर्ति
मुख्य अतिथि प्रोफेसर मूर्ति ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में महिलाओं के उत्थान पर अपने विचार रखे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए मातृशक्ति को साक्षात ‘लक्ष्मी स्वरूप’ बताया और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
विशेषज्ञों ने किया मंत्रमुग्ध, विद्यार्थियों के सवालों के मिले बेबाक जवाब
सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में पीएनबी (PNB) की सहायक प्रबंधक सुदीप्ता भट्टाचार्य, इंदौर हाईकोर्ट की एडवोकेट प्रियल जैन, इंदौर साइबर सेल की सब इंस्पेक्टर अंजू पटेल और सुश्री सुचिता सिंह ने अपने प्रभावशाली विचारों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान एक इंटरैक्टिव सत्र भी हुआ, जिसमें उपस्थित विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े अनेक सवाल पूछे। एडवोकेट प्रियल जैन ने बेहद शालीनता और स्पष्टता के साथ इन सवालों के जवाब देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाएं शांत कीं।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल और आकर्षक संचालन शालिनी एवं समरीन कुरैशी ने किया। अंत में विश्वविद्यालय के बीएड कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जे.सी. शर्मा ने सभी अतिथियों व वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ. ए. रेवती गुप्ता, डॉ. राकेश जाटव, डॉ. संदीप सिंह सेंगर, डॉ. महेश गौतम, डॉ. दरवेश भंडारी, डॉ. मनीष मिश्रा, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव और डॉ. अमित मोदी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी व संकाय सदस्य उपस्थित थे।

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