मिशन वात्सल्य: बाल संरक्षण के लिए एकजुट हुए विभाग, पुलिस और प्रशासन ने साझा की कार्ययोजना
उज्जैन में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित; बाल विवाह, भिक्षावृत्ति और किशोर न्याय अधिनियम पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

उज्जैन | महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘मिशन वात्सल्य’ योजना के तहत 13 मार्च 2026 को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में बाल संरक्षण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
कानूनी प्रावधानों और उत्तरदायित्वों पर मंथन
प्रशिक्षण के दौरान संरक्षण अधिकारी ने किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल भिक्षावृत्ति रोकने के उपाय, बाल विवाह निषेध और गैर-संस्थागत सेवाओं के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। विभागीय मास्टर ट्रेनर और बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री लोकेन्द्र शर्मा ने बाल संरक्षण में समिति के उत्तरदायित्वों, चाइल्ड लाइन की भूमिका और विभिन्न विभागों की कानूनी कार्यवाहियों के बारे में प्रशिक्षित किया।
पुलिस और संस्थानों की भूमिका पर चर्चा
विशेष किशोर इकाई की कार्यप्रणाली के बारे में पुलिस इकाई के श्री अवधेश सिंह ने जानकारी दी। वहीं, दत्तक ग्रहण (Adoption) से जुड़ी प्रक्रियाओं पर सेवा भारती शिशु गृह के श्री मनीष बैरागी ने प्रशिक्षण दिया। किशोर न्याय बोर्ड (JJB) की कार्यवाही के विषय में सदस्य श्री विजेन्द्र सिंह अरोन्या ने अपने विचार साझा किए, जबकि बाल देखरेख संस्थाओं के संचालन पर संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक श्री मेहताब सिंह परस्ते ने मार्गदर्शन दिया।
बेहतर समन्वय के लिए बना ‘नेटवर्क’
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश त्रिपाठी ने कार्यशाला में मौजूद हितधारकों के समूह बनवाकर सामूहिक चर्चा आयोजित की। उन्होंने परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि वे ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण सेवाओं को मजबूती से लागू करें। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भविष्य में मार्गदर्शन और सहायता के लिए संपर्क नंबरों का आदान-प्रदान भी किया गया ताकि समन्वय बना रहे।
इनकी रही विशेष मौजूदगी
कार्यशाला के समापन सत्र में सहायक संचालक श्रीमती रीना शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड की सदस्या श्रीमती रजनी उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण में जिले के सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक और आईसीपीएस तथा विशेष किशोर इकाई का स्टाफ मौजूद रहा।



