मृतक किसान के परिवार को मिले 50 लाख का मुआवजा
विधायक महेश परमार ने सैकड़ों किसानों के साथ किया तराना में घेराव प्रदर्शन, किसानों को तत्काल राहत देने की मांग

उज्जैन। तेज़ बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुए किसानों को तत्काल राहत दिलाने की मांग को लेकर विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश परमार ने सैकड़ों किसानों के साथ तराना में एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। महेश परमार ने मांग की कि आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख का मुआवजा दिया जाए।
महेश परमार ने कहा कि तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों को उनका हक़ दिलाने के लिए सैकड़ों किसानों के साथ महेश परमार एसडीएम कार्यालय, तराना पहुँचे तथा प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। पीड़ित किसानों को शीघ्र मुआवज़ा दिया जाए, फसल बीमा की राशि बिना देरी किसानों को मिले। इस प्राकृतिक आपदा से टूटे विधानसभा तराना के ग्राम खेड़ा जमुनिया के किसान पंकज मालवीय ने आर्थिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली उस पीड़ित परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए। आक्रोशित किसानों ने भी इस दौरान जमकर नारेबाजी की तथा तत्काल राहत देने की मांग की।
महेश परमार ने कहा कि तेज़ बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में मिट्टी में मिला दिया है। “जब किसान के घर में दाना नहीं आता, तो देश की अर्थव्यवस्था का पहिया भी थम जाता है। संकट की इस घड़ी में अन्नदाता के साथ खड़ा होना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।“ अन्नदाता के इस भारी नुकसान की भरपाई और उन्हें तत्काल राहत दिलाना सरकार और प्रशासन की नैतिक व संवैधानिक जिम्मेदारी है। प्रदेश सरकार संपूर्ण उज्जैन जिले में तत्काल नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रदान करें। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ली है, उन्हें क्लेम मिलने में आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए। बीमा कंपनियों को निर्देश दिए जाएं कि वे 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना प्राप्त कर प्रक्रिया शुरू करें। प्रभावित किसानों के इस सीजन के लोन के ब्याज को माफ किया जाए या ऋण वसूली को स्थगित किया जाए।



