पाठशाला

युवा संवाद में गूंजे छत्रपति शिवाजी के स्वराज्य, स्वाभिमान और राष्ट्रचेतना के स्वर

प्रज्ञा प्रवाह मालवा प्रांत और विक्रमादित्य विवि का आयोजन, प्रख्यात वक्ता आशीष भारतवंशी ने युवाओं को सुनाए प्रेरक प्रसंग

उज्जैन: प्रज्ञा प्रवाह मालवा प्रांत के युवा आयाम और सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शिवाजी जयंती के उपलक्ष्य में ‘छत्रपति शिवाजी महाराज एवं स्वराज्य’ विषय पर एक युवा संवाद का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को स्वराज्य, स्वाभिमान और राष्ट्रचेतना का संदेश दिया गया।
रणनीतिक दूरदर्शिता का प्रतीक था अफजल खान वध
कार्यक्रम में नागपुर से आए प्रख्यात यूट्यूबर और इतिहास शोधार्थी आशीष भारतवंशी ने अपने ओजस्वी वक्तव्य से शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों को जीवंत कर दिया। उन्होंने अफजल खान वध का वर्णन करते हुए इसे मात्र युद्धकौशल नहीं, बल्कि रणनीतिक दूरदर्शिता और आत्मरक्षा का अद्वितीय उदाहरण बताया। प्रतापगढ़ किले के युद्ध और स्वराज्य रक्षा के संघर्ष को समझाते हुए उन्होंने बाजी प्रभु देशपांडे के बलिदान का प्रेरक प्रसंग सुनाया, जिसने उपस्थित युवाओं को भाव-विभोर कर दिया।
भारतवंशी ने शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक को ‘हिंदवी स्वराज्य’ की आधिकारिक स्थापना का गौरवपूर्ण क्षण बताया। साथ ही, उन्होंने ‘गनिमी कावा’ (छापामार युद्ध पद्धति) का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद रणनीति और भूगोल की समझ से शिवाजी ने विशाल साम्राज्यवादी शक्तियों को चुनौती दी थी।
कुशल प्रशासक और जनकल्याणकारी शासक थे शिवाजी
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रनिर्माण में शिवाजी के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी रणनीतिकार और जनकल्याणकारी शासक थे। उनकी प्रशासनिक संरचना, समुद्री शक्ति का विकास और न्यायप्रिय नीति आज भी एक बड़ा प्रेरणास्रोत है।
250 से अधिक नागरिक और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में वाग्देवी विचार मंच न्यास के अध्यक्ष सुप्रभात चौकसे, मालवा प्रांत सहसंयोजक मुकेश गुप्ता और महिला आयाम प्रमुख समीक्षा नायक विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस संवाद में शहर के गणमान्य नागरिक, प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्रों सहित कुल 250 लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन मालवा प्रांत के युवा आयाम प्रमुख और हाईकोर्ट एडवोकेट आदेश शिंदे ने किया। अंत में मालवा प्रांत संयोजक प्रो. दीनदयाल बेदिया ने अतिथियों, उपस्थितजनों और मीडियाकर्मियों का आभार व्यक्त किया।

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