समाज संसार

‘रघुपति राघव’ और ‘वंदे मातरम’ के मूल स्वरूप से हुई छेड़छाड़

सनातन के अनछुए पन्नों से उठा पर्दा: 181 मिनट के उद्बोधन में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ बोले- युवाओं को परोसा गया अधूरा ज्ञान

‘वर्तमान स्थिति में सनातन की भूमिका’, पर हुआ ‘राष्ट्र चिंतन’
उज्जैन। पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच भटकते समाज और युवा वर्ग को अपनी संस्कृति की ओर अग्रसर करने, भेदभाव दूर करने और सभी सनातनियों को एकजुट रहने की आवश्यकता है। राष्ट्रप्रेम को हृदय में जगाना सभी देशवासियों की जिम्मेदारी है।
यह बात राष्ट्रवादी वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने रविवार 22 फरवरी को आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर में कही।
कार्यक्रम संयोजक हरि सिंह यादव ने बताया कि श्री हरि आध्यात्मिक सनातन सेवा संस्थान द्वारा ‘वर्तमान स्थिति में सनातन की भूमिका’ विषय पर आयोजित ‘राष्ट्र चिंतन’ कार्यक्रम में कुलश्रेष्ठ ने 181 मिनट के उद्बोधन में सनातन धर्म के कई ऐसे पन्ने उजागर किए, जो युवा पीढ़ी के सामने कभी नहीं लाए गए। उन्होंने ‘रघुपति राघव राजा राम’ और ‘वंदे मातरम’ का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने या साथ रखने के लिए इनके खास हिस्से हटाकर समाज के सामने अधूरा ज्ञान परोसा गया है। उन्होंने हटाई गई पंक्तियां भी श्रोताओं को सुनाईं और तथ्यात्मक जानकारी समाज के सामने रखी।
हजारों की संख्या में पहुंचे श्रोता
संस्था अध्यक्ष राजेश गर्ग ने बताया कि शाम 7 बजे से प्रारंभ हुए इस सकल हिंदू समाज के कार्यक्रम में देशभर के कई शहरों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। आयोजन इतनी शालीनता से संपन्न हुआ मानो शहरवासियों को इसका कई वर्षों से इंतजार था। युवा वंश यादव ने कहा कि इस वक्तव्य से सकल हिंदू समाज में ऊर्जा का संचार होगा और युवा सनातन धर्म के हर तीज-त्यौहार पूरे रीति-रिवाज के साथ मनाएंगे।
गोधन के स्मृति चिह्न से अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. बालकृष्ण शर्मा थे, जिन्होंने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। शुरुआत में भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद अतिथियों को गोधन (गाय के गोबर से निर्मित) स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया गया।
पांच सामाजिक संस्थाओं का सम्मान
इस अवसर पर सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच संस्थाओं का सम्मान किया गया। इनमें संत सत्कार समिति, भारत विकास परिषद संदीपनी, हरिओम वृक्ष मित्र मंडल, हम हिंदुस्तानी और अनाज तिलहन व्यवसाय संघ शामिल हैं।
आयोजन में संरक्षक नारायण यादव, कार्यक्रम संयोजक हरि सिंह यादव, अध्यक्ष राजेश गर्ग, सचिव अक्षिता यादव, विधायक चिंतामणि मालवीय, पूर्व मंत्री पारस जैन, मुकेश लखवानी, राहुल नागवंशी, श्याम महेश्वरी, भगवान शर्मा, अक्षता यादव, अभिषेक गोयल, डॉ. सुशील खंडेलवाल, डॉ. राजेंद्र बंसल, जितेंद्र अक्षत, सुरेंद्र जोशी, राजेश पसारी, आनंद महेश्वरी, राजेंद्र यादव, सुरेश पोरवाल, अजय भातखंडे, दीपक राजवानी, ईश्वर पटेल, ओम गुप्ता और हरि आध्यात्मिक सनातन सेवा संस्थान के सभी सदस्य उपस्थित थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और प्रबुद्धजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेश गर्ग ने किया और आभार मनोज गरवाल ने माना।

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