सेहतनामा
राष्ट्रपिता को श्रद्धा सुमन अर्पित कर स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का शुभारंभ
कुष्ठ के विरुद्ध आखिरी युद्ध- एम आर मंसूरी

उज्जैन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंगोरिया में 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा अभियान का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल के दिशा निर्देश पर जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ विक्रम रघुवंशी, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह अजनार व सीएचसी इंगोरिया प्रभारी डॉ शिप्र श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में एवं शिवानी भारती, साकेत सवालाखे, एंबुलेंस पायलट नरेंद्र परमार, नवीन विश्वकर्मा, शेखर डागर, बंटी डागर आदि की उपस्थिति में किया गया।
डॉ क्षिप्र श्रीवास्तव द्वारा संकल्प पत्र का वाचन कर कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी दी। अपील का वाचन विजय गोलघाटे ने किया। हेल्थ सुपरवाईजर नारायण शर्मा द्वारा एमसीआर पदरक्षक कुष्ठ रोगी को प्रदान किए गए। एनएमए एम आर मंसूरी ने बताया कुष्ठ के विरुद्ध आखिरी युद्ध है। कुष्ठ रोग पाप या दैवीय प्रकोप नहीं है, कुष्ठ एक साधारण बीमारी है। यह छुआछूत का रोग नहीं है, यह एक जीवाणु से फैलता है। इस रोग की शुरुआत में पहचान व जांच करवाई जाए एवं पूरा इलाज लिया जाए तो यह पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है एवं शारीरिक विकलांगता से भी बचा जा सकता है। जिसका एमडीटी से पूर्ण इलाज संभव है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में इसका उपचार निशुल्क उपलब्ध है। इसका इलाज असंक्रमांक बीमारी में 6 माह एवं संक्रामक बीमारी में 12 माह का उपचार है।



