पाठशाला

विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका अहम: ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025’ पर आनंदशाला संपन्न

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय और भारतीय शिक्षण मंडल का संयुक्त आयोजन, कई विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं ने किया मंथन

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन और भारतीय शिक्षण मंडल (मालवा प्रांत) के संयुक्त तत्वावधान में “विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक–2025” विषय पर एक दिवसीय आनंदशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका को सुदृढ़ करना और शिक्षा व्यवस्था को समग्र व मूल्यनिष्ठ बनाना था।
राष्ट्र निर्माण और सामाजिक चेतना की आधारशिला
कार्यक्रम का शुभारंभ बी. आर. शंकरानंद के बीज वक्तव्य से हुआ। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र के समग्र विकास का आधार बताते हुए इसे चरित्र निर्माण, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय दायित्व से जोड़ने पर बल दिया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अर्पण भारद्वाज ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में शिक्षा अधिष्ठान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षण संस्थानों को सामाजिक परिवर्तन और नवाचार के केंद्र के रूप में कार्य करना चाहिए।
नीतिगत ढांचे और भारतीय ज्ञान परंपरा पर विमर्श
आनंदशाला में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए कुलगुरुओं, शिक्षाविदों और विशिष्ट अतिथियों ने शिक्षा अधिष्ठान के नीतिगत ढांचे, शैक्षणिक सुधार, संस्थागत समन्वय, भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश और भविष्य उन्मुख शिक्षण पद्धतियों पर अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा को नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्रीय दृष्टि से जोड़कर ही विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्रमुख शिक्षाविदों की उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ. राकेश सिंहाई कुलगुरु देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, डॉ. रामदास गोमा आत्राम कुलगुरु डॉ. बी. आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, डॉ. मोहन लाल कोरी कुलगुरु क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय, डॉ. शरदचंद्र वानखेड़े कुलगुरु अमलतास वानखेड़े विश्वविद्यालय, डॉ. योगेश चंद्र गोस्वामी कुलगुरु वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर, डॉ. अमोल गोरे कुलगुरु ओरिएंटल विश्वविद्यालय इंदौर, डॉ. संजीव नारंग कुलगुरु मालवांचल विश्वविद्यालय इंदौर, डॉ. नागेश्वर राव पूर्व कुलगुरु इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, सुप्रभात चौकसे प्रबंध निदेशक एलएनसीटी इंदौर और प्रो. गोविंद गांधी निदेशक कालिदास अकादमी उज्जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के आयोजन में मालवा प्रांत अध्यक्ष डॉ. माया इंग्ले और मालवा प्रांत मंत्री मनीष देवेनानी की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन मालवा प्रांत सह मंत्री डॉ. जमुना मिश्रा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का समापन विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान के उद्देश्यों को साकार करने के सामूहिक संकल्प और भविष्य में इस विषय पर निरंतर शैक्षणिक संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

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