पाठशाला

विक्रम विश्वविद्यालय में विज्ञान सप्ताह का भव्य आयोजन: नवाचार, तकनीक और अनुसंधान पर हुआ मंथन

पीएम-उषा योजना के तहत कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और शैक्षणिक भ्रमण का हुआ आयोजन; विद्यार्थियों ने सीखीं आधुनिक शोध प्रविधियां।

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की पीएम-उषा योजना के अंतर्गत फरवरी के अंतिम सप्ताह को विज्ञान सप्ताह के रूप में मनाया गया। कुलगुरु अर्पण भारद्वाज और कुलसचिव अनिल शर्मा के संरक्षण में आयोजित इस सप्ताह के विभिन्न कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल और आधुनिक शोध प्रविधियों से रूबरू कराया गया।
तकनीक और साइबर सुरक्षा पर जोर
विज्ञान सप्ताह का शुभारंभ 24 फरवरी को कंप्यूटर विज्ञान संस्थान में ‘आईडिया टू पेटेंट: ए प्रैक्टिकल वर्कशॉप’ के साथ हुआ, जिसका संयोजन संस्थान निदेशक कमल बुनकर ने किया। 26 फरवरी को इसी संस्थान में ‘साइबर सुरक्षा: खतरे और शमन रणनीतियां’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। 27 फरवरी को इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान परिसर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सहयोग से ‘एआई एडॉप्शन ट्रेंड्स’ पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। इसके मुख्य संयोजक इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान निदेशक एस. के. तिवारी और आईक्यूएसी निदेशक डी. डी. बेदिया रहे, जबकि कमल बुनकर ने सह-संयोजक की भूमिका निभाई।
विज्ञान और आयुर्वेद पर गहन चर्चा
वनस्पति शास्त्र अध्ययनशाला में 24 से 26 फरवरी तक ‘पादप पहचान और उन्नत वर्गीकरण’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसके मुख्य संयोजक विभागाध्यक्ष डी. एम. कुमावत थे। आयोजन समिति में जगदीश के. शर्मा, निहाल सिंह, मुकेश वानी, पराग दलाल और संतोष ठाकुर ने सह-संयोजक के रूप में योगदान दिया। वहीं 26 फरवरी को फार्मेसी संस्थान में ‘आयुर्वेद और हर्बल दवाओं के सिद्धांत’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई, जिसका संयोजन डीन एवं विभागाध्यक्ष कमलेश दशोरा ने किया।
पुरातात्विक प्रविधि पर कार्यशाला
ऐतिहासिक शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला के सभागार में 24 और 25 फरवरी को ‘पुरातात्विक प्रविधि’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला हुई। इसका संयोजन विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान की निदेशक मनीषा शर्मा द्वारा किया गया।
विद्यार्थियों ने देखी इंडस-1 और इंडस-2 की कार्यप्रणाली
विज्ञान सप्ताह के तहत 28 फरवरी और 1 मार्च को रसायन, जैवरसायन और भौतिकी अध्ययनशाला के 40 छात्र-छात्राओं के दल ने इंदौर स्थित राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र का विशेष शैक्षणिक भ्रमण किया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ‘वुमन इन साइंस: कैटेलाइजिंग विकसित भारत’ को सार्थक करते हुए इस दौरे का नेतृत्व उमा शर्मा और स्वाति दुबे के सौजन्य से दर्शना मेहता और मोनिका बैरागी ने किया। छात्रों ने वरिष्ठ वैज्ञानिक संजय राय के मार्गदर्शन में भारत के प्रमुख सिंक्रोट्रॉन विकिरण स्रोत इंडस-1 और इंडस-2 की जटिल कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझा।

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