पाठशाला

‘विज्ञान हमारा दृष्टिकोण विस्तृत करता है, विकसित भारत में महिला वैज्ञानिकों की भूमिका अहम’ -डॉ प्रदीप शर्मा 

पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस माधव कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का समापन, वक्ताओं ने नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी पर किया मंथन

उज्जैन। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय माधव महाविद्यालय में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने विज्ञान के महत्व और विज्ञान-तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की।
समारोह में इंदौर से आए डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि विज्ञान हमारे दृष्टिकोण को विस्तृत रूप देता है। आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन में 30 से 40 प्रतिशत तक उच्च कोटि की महिला वैज्ञानिक कार्यरत हैं। अगली सदी में यह भूमिका और अधिक बढ़ेगी। उन्होंने डॉ. सीवी रमन के नोबेल पुरस्कार से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में महिला वैज्ञानिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कल्पना वीरेंद्र सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञान सिर्फ एक विषय की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा है। किसी भी विषय को गहराई से समझने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण जरूरी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विद्वानों को महिला और पुरुष वर्ग में नहीं बांटा जाना चाहिए। भारत में महिलाएं अब विकसित राष्ट्र की नई इबारत लिख रही हैं।
अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन की भौतिक विज्ञान प्राध्यापक डॉ. स्वाति दुबे ने रेडियोधर्मिता की खोज करने वाली मैडम क्यूरी को महिलाओं का वैश्विक आइकॉन बताया। उन्होंने कहा कि भारत में विज्ञान, तकनीकी और गणित में महिलाओं की भागीदारी 43 प्रतिशत है, और आईआईटी जैसे संस्थानों में 50 प्रतिशत छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि इतने बड़े क्षेत्र में कार्य करने के बावजूद महिलाएं नेतृत्व के स्तर पर पीछे क्यों हैं।
विजेताओं को मिला पुरस्कार
समारोह के दौरान विज्ञान दिवस के प्रथम दिन आयोजित हुई प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अजीता केलवा ने किया और आभार डॉ. प्रमोद मालवीय ने माना।
आयोजन में मनीष कुमार शर्मा और प्रो. सादिक मंसूरी ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रमोद कुमार मालवीय और डॉ. दिनेश वर्मा थे। इस अवसर पर विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के सभी प्राध्यापक, विद्यार्थी और महाविद्यालय का स्टॉफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहा।

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