वैद्य राजपूत समाज की पारंपरिक गैर में दिखा अपनापन, शोकग्रस्त परिवारों के बीच पहुंचकर बांटा दुख-दर्द
क्षीर सागर गेट से उठी गुलाल की बौछार, धर्मशाला में हुआ होली मिलन, समाजजनों ने दिया एकजुटता का संदेश

उज्जैन। होली के पावन पर्व पर वैद्य राजपूत समाज द्वारा पारंपरिक गैर उत्साह और गरिमा के साथ निकाली गई। मंगलवार 3 मार्च की सुबह क्षीर सागर गेट पर समाजजन एकत्रित हुए, जहाँ परस्पर गुलाल लगाकर एक-दूसरे को पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। आपसी स्नेह और सौहार्द का यह दृश्य अत्यंत आनंदमय रहा।
इसके पश्चात समाजजन गैर के रूप में संगठित होकर शहर में स्थित शोकग्रस्त परिवारों के निवास पर पहुँचे। यहाँ रंग डालकर संवेदनाएँ प्रकट की गईं और दुख साझा किया गया। यह अनूठी परंपरा समाज की एकजुटता, संस्कार और परस्पर सहयोग की भावना को दर्शाती है।
गैर के समापन पर समस्त समाजजन समाज धर्मशाला में होली मिलन समारोह हेतु एकत्रित हुए। यहाँ स्वल्पाहार के पश्चात सभी ने गुलाल के साथ होली खेलकर रंगों के उत्सव का भरपूर आनंद लिया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए समस्त समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सबकी सहभागिता ही समाज की वास्तविक शक्ति है।



