धर्म-कर्म

शनिलोक की तर्ज पर ‘भर्तृहरि लोक’ बनाने की मांग, पुजारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से किया अनुरोध

ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के सरकारीकरण और पुजारी नियुक्ति की भी उठाई मांग; कहा- राजस्व से होगा पुराने शहर का विकास

उज्जैन। श्री महाकाल लोक के निर्माण से उज्जैन को विश्व पटल पर जो नई धार्मिक और व्यापारिक पहचान मिली है, उसी तर्ज पर अब शहर के अन्य प्राचीन क्षेत्रों के विकास की मांग जोर पकड़ने लगी है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि हालिया बजट में प्रस्तावित ‘शनिलोक’ की तर्ज पर प्राचीन ‘भर्तृहरि गुफा’ क्षेत्र का भी विकास कर ‘भर्तृहरि लोक’ का निर्माण किया जाए।
विरासत से रूबरू होंगे श्रद्धालु, पुरातत्व विभाग को सौंपने की मांग
अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी और सचिव रूपेश मेहता ने बताया कि उज्जैन का पुराना क्षेत्र, विशेषकर भर्तृहरि गुफा परिसर आज भी अविकसित है। यह एक अत्यंत प्राचीन और पुरातात्विक महत्व का स्थान है, जहां प्रतिदिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। महासंघ ने मांग की है कि इस क्षेत्र का सुव्यवस्थित विकास कर इसे पुरातत्व विभाग को सौंप दिया जाना चाहिए। इससे यहां आने वाले लाखों भक्तों को दर्शन के साथ-साथ उज्जैन की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत की जानकारी भी मिल सकेगी। गौरतलब है कि महासंघ द्वारा पुराने उज्जैन के विकास के लिए पूर्व में भी ‘भर्तृहरि लोक’ बनाने की मांग उठाई जा चुकी है।
ऋणमुक्तेश्वर मंदिर का हो सरकारीकरण
महासंघ के पदाधिकारियों ने शहर के अतिप्राचीन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ‘ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर’ के कायाकल्प का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वहां शासन का कोई अधिकृत पुजारी नहीं है। इसलिए राज्य सरकार को इस मंदिर का अधिग्रहण (सरकारीकरण) कर वहां विधिवत सरकारी पुजारी की नियुक्ति करनी चाहिए।
करोड़ों के राजस्व से संवरेगा सिंहस्थ क्षेत्र
पुजारी महासंघ का तर्क है कि भर्तृहरि गुफा और ऋणमुक्तेश्वर महादेव— इन दोनों प्रमुख स्थानों पर दर्शनार्थियों द्वारा चढ़ाए जाने वाले करोड़ों रुपयों के राजस्व का उपयोग पुराने उज्जैन के विकास में किया जा सकता है। इससे न केवल मध्य प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप पुराने शहर का विकास होगा, बल्कि आगामी सिंहस्थ के दृष्टिगत आम सनातन धर्मावलंबियों को बेहतर और अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

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