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श्रीपुरम कॉलोनी में बेखौफ चोरों का आतंक, घर से नकदी और जेवर पार, कॉलोनाइजर की लापरवाही पर फूटा रहवासियों का गुस्सा

देर रात 2 से 3 बजे के बीच वारदात, 80 हजार नकद और सोने के आभूषण चोरी

स्ट्रीट लाइट बंद होने का उठाया फायदा, कॉलोनाइजर पर बिजली बिल न भरने और पानी सप्लाई में धांधली का आरोप
उज्जैन। शहर के ढांचा भवन क्षेत्र स्थित श्रीपुरम कॉलोनी में 18 फरवरी की दरमियानी रात लगभग 2 से 3 बजे अज्ञात चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने कॉलोनी निवासी राजीव द्विवेदी के मकान का ताला तोड़कर लगभग 80 हजार रुपये नकद और सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद से पूरी कॉलोनी में दहशत का माहौल है।
अंधेरे का फायदा उठाकर दी दस्तक
रहवासियों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर कॉलोनाइजर निर्मल सेठिया की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। सूत्रों का दावा है कि स्ट्रीट लाइट का लगभग 48 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया था, जिसका भुगतान न किए जाने पर विद्युत विभाग ने कनेक्शन काट दिया है।
रहवासियों का आरोप है कि बिल बकाया होने के साथ-साथ यहाँ बिजली चोरी के मामले भी सामने आए हैं, जिसके चलते पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूबी रहती है। इसी अंधेरे का फायदा उठाकर चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
पानी सप्लाई और ईडब्ल्यूएस मकानों में भी अनियमितता
चोरी की घटना के बाद रहवासियों का गुस्सा अन्य अव्यवस्थाओं पर भी फूट पड़ा। लोगों ने बताया कि कॉलोनी में पानी सप्लाई की व्यवस्था भी चरमरा गई है।
नियमानुसार एक ट्यूबवेल से 3-4 घरों को पानी मिलना चाहिए, लेकिन यहाँ एक ही मोटर से 12-13 घरों में सप्लाई की जा रही है। इससे मोटर पर लोड बढ़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आगजनी का खतरा बना रहता है।
सूत्रों के मुताबिक, गरीबों (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित मकानों को नियमों को ताक पर रखकर 28-29 लाख रुपये में अन्य लोगों को बेचा गया है, जिससे पात्र हितग्राही वंचित रह गए हैं।
कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी की वारदात का जल्द खुलासा किया जाए और कॉलोनाइजर की लापरवाही व अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।

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