धर्म-कर्म

संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर सामाजिक समरसता मंच करेगा संत समाज का अभिनंदन

सनातन धर्म के रक्षण में विषम समय गुरु जी के योगदान, विषय पर होगा उद्बोधन

सामाजिक समरसता मंच करेगा महाआरती, होगा प्रसाद वितरण

उज्जैन। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर सामाजिक समरसता मंच द्वारा 1 फरवरी, रविवार (माघ पूर्णिमा) को सायं 4 बजे संत शिरोमणि रविदास घाट, क्षिप्रा नदी, उज्जैन में भव्य आयोजन किया जायेगा।

कार्यक्रम संयोजक धर्मेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि कार्यक्रम में उज्जैन नगर के संत समाज का अभिनंदन एवं स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रिय संपर्क प्रमुख प्रवीण गुप्त रहेंगे जो गुरु रविदास जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए सनातन धर्म के रक्षण में विषम समय गुरु जी के योगदान पर अपना उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम उपरांत महा आरती एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा।

सामाजिक समरसता मंच द्वारा संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के पावन अवसर पर समरसता और सामाजिक एकता को समर्पित भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य संत रविदास जी महाराज के मानवतावादी, समानता और भेदभाव-मुक्त समाज के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है। संत रविदास जी महाराज ने अपने जीवन, कृतित्व एवं अमृतवाणी के माध्यम से समाज को कर्म और मानवता के आधार पर मनुष्य की पहचान करने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जाति आधारित भेदभाव सामाजिक एकता में सबसे बड़ा अवरोध है। उनकी प्रसिद्ध वाणी— “जाति-जाति में जाति हैं, ज्यों केतों के पात…” आज भी समाज को सद्भाव और समरसता की दिशा में मार्गदर्शन करती है। सामाजिक समरसता मंच के संयोजक धर्मेंद्र सिंह परिहार, सहसंयोजक ओमप्रकाश मोहने और जयश्री गिरी ने सभी नागरिकों से सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

 

Related Articles

Back to top button