संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जाना महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों का विज्ञान
विक्रमोत्सव में लगाई गई प्रदर्शनी का किया शैक्षणिक भ्रमण; प्राचीन ज्ञान-परंपरा से हुए रूबरू

उज्जैन। शासकीय संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने शनिवार, 28 फरवरी को विक्रमोत्सव में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा लगाई गई महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन संस्कृति और उसमें अंतर्निहित ज्ञान-विज्ञान परंपरा से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के अंतर्गत साहित्य और ज्योतिष विभाग ने प्राचार्य डॉ. सीमा शर्मा के मार्गदर्शन में इस भ्रमण का आयोजन किया। प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने महाभारत काल में प्रचलित अनेक अस्त्र-शस्त्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उनके प्रयोग विज्ञान को भी गहराई से समझने का प्रयास किया।
आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. श्रेयस श्रीधर कोरान्ने ने बताया कि इस पूरे आयोजन में डॉ. सदानंद त्रिपाठी, यश शर्मा, डॉ. हेमंत शर्मा, डॉ. ममता मलिक, रामशंकर कोल और सुरितराम ध्रुव की सक्रिय भूमिका रही।



