धर्म-कर्म

संत शिरोमणि रविदासजी की 650वीं जयंती पर सामाजिक समरसता मंच करेगा भव्य आयोजन

माघ पूर्णिमा पर संत शिरोमणि रविदास घाट पर होगा आयोजन

उज्जैन। सामाजिक समरसता मंच द्वारा संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के पावन अवसर पर समरसता और सामाजिक एकता को समर्पित भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य संत रविदास जी महाराज के मानवतावादी, समानता और भेदभाव-मुक्त समाज के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है।
संत रविदास जी महाराज ने अपने जीवन, कृतित्व एवं अमृतवाणी के माध्यम से समाज को कर्म और मानवता के आधार पर मनुष्य की पहचान करने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जाति आधारित भेदभाव सामाजिक एकता में सबसे बड़ा अवरोध है। उनकी प्रसिद्ध वाणी “जाति-जाति में जाति हैं, ज्यों केतों के पात” आज भी समाज को सद्भाव और समरसता की दिशा में मार्गदर्शन करती है।
यह आयोजन 1 फरवरी 2026, रविवार (माघ पूर्णिमा) को सायं 4 बजे संत शिरोमणि रविदास घाट, क्षिप्रा नदी, उज्जैन में आयोजित होगा। सामाजिक समरसता मंच के संयोजक धर्मेंद्र सिंह परिहार और सहसंयोजक ओमप्रकाश मोहने और जयश्री गिरी ने सभी नागरिकों से सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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