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निगम ‘गैंग’ की गुंडागर्दी पर उबाल, महिलाओं और दिव्यांगों से मारपीट पर भड़के हिंदूवादी संगठन

वायरल वीडियो ने खोली पोल: 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो निगम मुख्यालय घेरने की चेतावनी

पुलिस के आश्वासन पर टला पुतला दहन, गैंग प्रभारी पर एफआईआर की मांग
उज्जैन। धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी उज्जैन में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते (गैंग) की कथित बर्बरता ने शहर के माहौल को गर्मा दिया है। नरसिंह घाट क्षेत्र में फुटकर व्यापारियों, महिलाओं और यहां तक कि एक दिव्यांग के साथ निगम गैंग प्रभारी और कर्मचारियों द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद जनआक्रोश फूट पड़ा है।
बुधवार को मप्र युवा शिव सेना गौ रक्षा न्यास और सर्व कल्याण बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने घटनास्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया।
मप्र युवा शिव सेना गौ रक्षा न्यास के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष सिंह चौहान ने बताया कि विगत चार माह से झालरिया मठ क्षेत्र (नरसिंह घाट मार्ग) पर गरीब फुटकर व्यापारी सम्मानजनक रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। निगम के गैंग प्रभारी मोनू थनवार ने अपने साथियों के साथ वहां पहुंचकर जबरन सामान जब्त करना शुरू कर दिया। जब संजय सिंह चौहान, अर्जुन कहार, कालूराम चौहान और मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो में निगम कर्मी महिलाओं और दिव्यांगों के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर पूरे शहर में नाराजगी है।
अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, दी चेतावनी
घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने बुधवार दोपहर कोतवाली सीएसपी श्री देशमुख को जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी पुतला दहन करने वाले थे, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। साथ ही मांग की कि गैंग प्रभारी मोनू थनवार पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो। झूठी रिपोर्ट लिखवाने वाले निगम कर्मियों पर कार्रवाई हो। दोषी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाए। पीड़ित व्यापारियों को सुरक्षा और न्याय मिले।
“गरीब अपराधी नहीं, मेहनतकश है”
मप्र युवा शिव सेना गौ रक्षा न्यास के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष सिंह चौहान ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “ठेला लगाकर पेट पालने वाला कोई अपराधी नहीं होता। अगर महाकाल की नगरी में महिलाएं और दिव्यांग सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सिस्टम की विफलता है। यह लड़ाई एक कर्मचारी के खिलाफ नहीं, उस मानसिकता के खिलाफ है जो गरीब को कुचलना अपना अधिकार समझती है। यदि 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई, तो निगम मुख्यालय पर विशाल धरना दिया जाएगा।”
प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में सर्व कल्याण बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली निगम, गौ रक्षा न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष हरि माली, प्रदेश अध्यक्ष विशाल नगर, राहुल जाट, संजय परमार, देव आनंद जाट, विशाल नागर, राहुल चावड़ा, लोकेन्द्र परमार, पंकज बोडाना, विशाल वर्मा, वरुण मालवीय सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और पीड़ित व्यापारी शामिल थे।
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