कंट्रोवर्शियल

निगम कर्मचारियों द्वारा दिव्यांग और महिला वेंडर्स से मारपीट मामले में सीएम को सौंपा ज्ञापन

झूठे केस वापस लेने और बेदखली रोकने के लिए वेंडर्स ने सीएम से लगाई गुहार

’बिना पुनर्वास बेदखली गैर-कानूनी’ : हाथ ठेला एवं फुटपाथ व्यापारी संघ ने की कार्रवाई की मांग
उज्जैन। उज्जैन के हाथ ठेला एवं फुटपाथ व्यापारी संघ महाकाल ने नगर निगम के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उज्जैन आगमन पर उन्हें ज्ञापन सौंपा। संघ का आरोप है कि निगम के कर्मचारियों ने दिव्यांग और महिला पथ विक्रेताओं के साथ मारपीट की है और उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराए हैं। वेंडर्स ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने, झूठे केस वापस लेने और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, घटना 5 और 6 फरवरी की है। 5 फरवरी को बिना किसी ’सिजर मेमो’ के वेंडर्स का सामान जब्त कर लिया गया था। जब 6 फरवरी को वेंडर अपना सामान लेने पहुंचे, तो वहां मौजूद गैंग प्रभारी और उनके साथियों ने कथित तौर पर साजिश के तहत वेंडर्स पर हमला कर दिया।
आरोप है कि दिव्यांग पथ विक्रेता संजय चौहान, कालूराम चौहान, अर्जुन कहार, मंजू चौहान, चंचल बैरागी और अन्य महिला विक्रेताओं के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। इसके बाद उल्टा 3 वेंडर्स के खिलाफ ही झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। संघ ने मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो, वेंडर्स पर दर्ज एफआईआर खारिज की जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज हो।
एक्ट का उल्लंघन और बेदखली का विरोध
व्यापारी संघ ने ज्ञापन में उज्जैन में चल रही बेदखली की मुहीम को गैर-कानूनी बताया है। उनका कहना है कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 की अनदेखी की जा रही है। वेंडर्स को बिना किसी पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है, जो कि मूल कानून और 2016 के नियमों के खिलाफ है।
सर्वे और सर्टिफिकेट अधूरे : शहर में अभी तक वेंडर्स का सर्वे पूरा नहीं हुआ है और वेंडिंग प्लान फाइनल नहीं है। ऐसी स्थिति में बेदखली और विस्थापन करना कानूनन गलत है।
आजीविका पर संकटः संघ का कहना है कि प्राकृतिक बाजारों से हटाने के कारण वेंडर्स कर्ज में डूब रहे हैं और उनकी आय खत्म हो रही है।
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने शासन के सामने 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं। जिसमें उज्जैन में वेंडर्स की बेदखली, जब्ती और उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। वेंडिंग जोन की समयबद्ध अधिसूचना जारी हो और प्राकृतिक बाजारों की सुरक्षा की जाए। टाउन वेंडिंग कमेटी की प्लानिंग और निगरानी में भागीदारी सुनिश्चित हो। वेंडर्स पर दर्ज झूठे मुदमे वापस लिए जाएं। बेदखली के बजाय विनियमन और योजना को प्राथमिकता दी जाए।
संघ ने सुझाव दिया है कि बेदखली के बजाय 10-50 अच्छे डिजाइन वाले ’वेंडिंग बाजारों’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि वे एक समावेशी और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए सरकार के साथ काम करने को तैयार हैं, लेकिन उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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