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PM Modi के “मन की बात” में महाकाल के मिलेट्स प्रसाद का जिक्र, मोटे अनाज की खेती को मिली सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 130वें एपिसोड में उजागर किया कि महाकालेश्वर मंदिर के मिलेट्स (milo/wheat alternative) प्रसाद की लोकप्रियता देशभर में बढ़ रही है और मोटे अनाज की खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है।

PM मोदी के “मन की बात” में महाकाल के मिलेट्स प्रसाद को मिली सराहना

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 130वें एपिसोड में महाकालेश्वर मंदिर के मिलेट्स प्रसाद का खास जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे देशभर में स्वास्थ्यवर्धक मोटे अनाज को अपनाया जा रहा है और यह परंपरागत खाद्य विकल्प किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि “श्री अन्न” यानी मिलेट्स (जैसे बाजरा, ज्वार, रागी आदि) धीरे-धीरे भारत में एक पोषक और पर्यावरण-सहज खाद्य विकल्प के रूप में स्थान बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बिक रहे मिलेट्स आधारित प्रसाद को लोग स्वास्थ्य और संस्कृति दोनों नजरिए से अपनाते हैं, जिससे किसानों को भी लाभ मिल रहा है।

मोदी ने अपने संबोधन में मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने किसान समुदाय को मिलेट्स की खेती से जुड़े अवसरों को अपनाने और स्थानीय तथा वैश्विक बाजारों में इसकी मांग बढ़ाने का आह्वान किया। इस पहल को स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और कृषि के समग्र विकास से जोड़ते हुए उन्होंने इसे “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।

“मन की बात” के इस एपिसोड में मोदी ने मोटे अनाज के स्वास्थ्य लाभ, लघु खाद्य उद्योगों में इसके उपयोग और युवा पीढ़ी में इसके प्रति बढ़ते रुझान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मिलेट्स केवल पोषण के लिए नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि को भी मजबूत कर सकते हैं।

कार्यक्रम का यह 130वां भाग गणतंत्र दिवस 2026 के ठीक पहले प्रसारित किया गया और प्रधानमंत्री ने इसमें देशवासियों को कई प्रेरक संदेश दिए, जिसमें स्वस्थ जीवनशैली व कृषि की उत्पादकता पर भी खास जोर रहा।

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