महानंदा नगर में निकली भव्य शोभायात्रा, राममय हुआ माहौल: गुड़ी पड़वा पर महाराष्ट्र सांस्कृतिक मंडल का आयोजन
बालरूप में सजे राम-सीता ने मोहा मन, जगह-जगह हुआ पुष्प वर्षा से स्वागत, समाज की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

उज्जैन। महाराष्ट्र सांस्कृतिक मंडल के तत्वावधान में गुड़ी पड़वा और हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में महानंदा नगर में एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र राममय नजर आया और समाज के हर वर्ग ने पारंपरिक उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ नव संवत्सर का स्वागत किया।

शोभायात्रा का शुभारंभ भारतीय ज्ञानपीठ से हुआ। इसमें समाज के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं और बच्चे अपनी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जो भारतीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश कर रहे थे। शोभायात्रा के मुख्य आकर्षण के रूप में एक सजी-धजी बग्गी में प्रभु श्रीराम का चित्र सुशोभित था। साथ ही, समाज के नन्हे बच्चों ने राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान जी का स्वरूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। रथ पर मृदुल वैद्य-राम, ईशान पाटे-लक्ष्मण, काव्या जोशी-हनुमान और अमाया भावे-सीता के स्वरूप में विराजमान थे। यह यात्रा महानंदा नगर और महाशक्ति नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से भ्रमण करती हुई पुनः भारतीय ज्ञानपीठ पर संपन्न हुई।
शीतल पेय और स्वल्पाहार से हुआ स्वागत
यात्रा के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शीतल पेय और जल की व्यवस्था की गई थी। भारतीय ज्ञानपीठ स्कूल द्वारा भी शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों के लिए स्वल्पाहार का प्रबंध किया गया। परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा और सभी ने एक-दूसरे के गले मिलकर नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

प्रतिभाओं का किया गया विशेष सम्मान
इस मांगलिक अवसर पर समाज की प्रतिभाओं को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। एमए मराठी में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर यश चुनेकर का सम्मान किया गया। वहीं, वाणिज्य विषय में ‘स्कूलों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के बीच तनाव का विश्लेषणात्मक अध्ययन’ विषय पर शोध कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने पर डॉ. मधु वर्मा करवड़े पत्नी उत्कर्ष करवड़े का विशेष सम्मान किया गया।
कार्यक्रम को मंडल के सचिव दीपक मेंढालकर, कार्यकारिणी सदस्य गौतम विपट एवं रवींद्र हरणे ने संबोधित किया। आभार उपाध्यक्ष राजश्री जोशी ने माना।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मंडल के संरक्षक राघवेंद्र व्यास काका, अध्यक्ष दीपक तारे, सचिव दीपक मेंढालकर, सह सचिव मिलिंद लेले, कोषाध्यक्ष आनंद चंपक, उपाध्यक्ष राजश्री जोशी, कार्यकारिणी सदस्य अनुकूल उमरेकर, सदाशिव नायगांवकर, प्रदीप बहुलकर, प्रदीप जोशी, प्रकाश रांगणेकर, वसंत देशपांडे, मयंक फंसळकर, निलेश अंबेडकर, राजेश जोशी, हेमंत येवलेकर, ज्योति मेंढालकर, माधवी चंपक और अर्चना हरणे सहित संपूर्ण कार्यकारिणी सहित समाजजनों का सराहनीय सहयोग रहा।



