भिक्खु संघ ने किया ‘एशिएंट बुद्धिज्म’ के 13वें अंक का विमोचन
पत्रिका में बौद्ध धर्म, दर्शन और विदेश यात्राओं पर विद्वानों के विस्तृत लेख शामिल; आयोजन में देशभर के भिक्खु रहे उपस्थित

उज्जैन। भिक्खु संघ द्वारा ‘एशिएंट बुद्धिज्म’ पत्रिका के 13वें अंक का विमोचन किया गया। इस विशेष अंक में बौद्ध धर्म, दर्शन और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्वानों के महत्वपूर्ण लेख शामिल किए गए हैं।
अंक में ‘विवाह संस्कार’ विषय पर विश्वास भिक्खु उपाली थेरो एवं भिक्खु डॉ. सुमेध थेरो का लेख प्रकाशित हुआ है। साथ ही ‘बुद्ध और भक्ती एवं श्रद्धा’ पर सुनिल कांबळे, ‘धम्म पथ पर मेरी विदेश यात्रायें’ पर भिक्खु डॉ. सुमेध थेरो तथा ‘मथुरा में बुद्ध का आगमन और उनके बिचार’ विषय पर उमेश पाल सिंह के लेख शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ‘हो-ची-मिन्ह शहर का देश वियतनाम और मेरी विदेश यात्रायें’ पर प्रो. कालीचरण स्नेही, ‘वियतनाम के हो ची मिंन शहर में यूएनडीवी 2025 सम्मेलन की यादें’ पर प्रोफेसर डॉ. प्रेमराज खनखने और ‘वियतनाम में 20वीं यूनाइटेड नेशन्स वेसाक डे 2025 में भागीदारी’ पर उज्जैन के डॉ. हरी बाबू कटारिया ने विस्तृत लेख प्रस्तुत किए हैं।
पत्रिका में ‘थाइलैण्ड एवं वियतनाम की यात्रा’ पर दिल्ली के आचार्य बिजय वीर सिंह, ‘भारत में बुद्धिस्ट कम्युनिटी के निर्माण की जरुरत क्यों’ विषय पर प्रोफेसर डॉ. धर्मेन्द्र कुमार तथा ‘मेरा वियतनाम का सफर अंर्तराष्ट्रीय वैशाख दिवस बुद्धिस्ट सम्मेलन 2025 मेजबान देश वियतनाम’ पर डॉ. सुरेश बाबू के लेख भी शामिल किए गए हैं।
इस विमोचन अवसर पर भिक्खु करुणानंद, भिक्खु डॉ. राहुल बोधी महाथेरो, प्रज्ञादीप महाथेरो, इलाहाबाद के भिक्खु देवानन्द वर्धन, लखनऊ के जितेन्द्र वर्धन, बुद्ध प्रकाश, धम्म कीर्ति, दिल्ली के सूर्या बोधी, धम्मानंद विवेचन, पूना के भंते धम्मधर, नांदेड़ के सुभूति थेरो और वीरतन थेरो सहित सैकड़ों बौद्ध भिक्खु और भिक्खुनियों ने भाग लिया।



